विकिलीक्स वेबसाइट हैकिंग की शिकार

Image caption विकिलीक्स ने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की लड़ाई से संबंधित द्स्तावेज़ जारी किए थे

गोपनीय जानकारियाँ प्रकाशित करने वाली साइट विकिलीक्स का कहना है कि हैकरों ने उसे निशाना बनाया है.

विकिलीक्स पर अमरीकी सेना से जुड़े कुछ दस्तावेज़ प्रकाशित होने वाले थे, विकिलीक्स ट्विटर संदेश में कहा गया है कि "हमारी साइट पर लोग सूचना हासिल नहीं कर पा रहे हैं."

इसी संदेश में कहा गया है कि अगर वेबसाइट हैकिंग की वजह से ठप हो जाती है तो भी कई अख़बारों में लोग गोपनीय जानकारियों को पढ़ सकेंगे.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने विकिलीक्स की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इन जानकारियों के सार्वजनिक होने से बहुत सारे लोगों का जीवन ख़तरे में पड़ सकता है.

बयान

इसके जवाब में विकिलीक्स के प्रमुख जूलियन असांजे का कहना है कि अमरीकी सरकार अपने कामों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से बचना चाहती है.

विकिलीक्स ने इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ की लड़ाई में अमरीकी सैनिकों की भूमिका से संबंधित ढेर सारे गोपनीय दस्तावेज़ अपनी वेबसाइट और कई समाचारपत्रों के ज़रिए सार्वजनिक कर दिए थे.

विकिलीक्स का कहना है कि अब वह अमरीकी दूतावासों की ओर से जारी किए गए गोपनीय संदेशों को प्रकाशित करने जा रहा है जो पिछले प्रकाशन के मुक़ाबले कहीं अधिक बड़े राज़ खोलेंगे.

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स, ब्रितानी अख़बार द गार्डियन, स्पेन के एल पेस, फ्रांस के ली मोंद और जर्मनी के स्पीगल में ये जानकारियाँ छपने वाली हैं.

रविवार को एक अज्ञात स्थान से वीडियो लिंक के ज़रिए पत्रकारों से बात करते हुए अंसाजे ने कहा, "हम जो जानकारी जारी करने जा रहे हैं उसका संबंध दुनिया के लगभग हर देश से जुड़े बड़े मुद्दों से है."

विकिलीक्स चलाने वाले जूलियन असांजे ऑस्ट्रेलिया के हैं और उनके बारे में बहुत जानकारी उपलब्ध है, माना जाता है कि वे कंप्यूटरों से गोपनीय जानकारियाँ उड़ाने में माहिर हैं, अंसाजे का कहना है कि वे दुनिया में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा करते हैं.

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