2 जी घोटाले में कारण बताओ नोटिस

कपिल सिब्बल
Image caption भारत के दूरसंचार मंत्री ने कहा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा

केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि सरकार 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 85 कंपनियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने जा रही है.

दिल्ली में बुलाए गए एक प्रेस सम्मेलन के दौरान कपिल सिबल ने कहा, "हमने फ़ैसला किया है कि हम इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछेंगे कि उनके लाइसेंस क्यों न रद्द किए जाएं क्योंकि उन्होने लाइसेंस पाने की योग्यता पूरी नहीं की है."

संचार मंत्री का कहना था कि इन संस्थानो के पास जवाब देने के लिए 60 दिन का समय होगा.

उन्होंने कहा कि उत्तर मिलने के बाद सरकार उसका अध्ययन करेगी और फिर अपना फ़ैसला सुनाएगी.

सिब्बल का कहना था कि सरकार को लगता है कि इन कंपनियों ने सरकार से समझौते की शर्तों को बाद में पूरा किया होगा.

लाइसेंस पाने की शर्तों में ये भी शामिल है कि आवेदन करने वाली कंपनी टेलीकॉम के क्षेत्र में काम कर रही हो या उस क्षेत्र में प्रवेश करने की औपचारिक कार्यवाही कर चुकी हो मसलन कंपनी बोर्ड के साथ पंजीकरण.

लाइसेंस पाने की इच्छुक कंपनी के लिए एक शर्त ये भी है कि उसकी न्यूनतम कुल पूंजी कितनी होनी चाहिए.

हाल मे ऐसी ख़बरें प्रकाशित हुई हैं कि कुछ कंपनियों ने इन शर्तों को लाइसेंस पाने के बाद पूरा किया.

कपिल सिबल का कहना था कि ऐसा इसलिए संभव हो पाया होगा क्योंकि मंत्रालय कंपनियों के ज़रिए दिए गए हलफ़नामे को मानने को तैयार थी.

पूर्व संचार मंत्री ए राजा पर आरोप था कि उन्होने कुछ कंपनियों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए इस तरह के नियम बनाए थे कि आवेदन करने वाली कंपनी कई शर्तों पर हलफ़नामा देकर कह सकती थी कि वो इसे पूरा करती है और मंत्रालय इसे मान लेगा.

मंत्रालय की एक शर्त ‘पहले आओ और लाइसेंस पाओ’ भी था. इस पर हंगामा मचने के बाद ए राजा को मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

नए मंत्री कपिल सिब्बल मानते हैं कि इन सबने पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं इसलिए इनकी जाँच होनी चाहिए.

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