भारत सुरक्षा परिषद का स्वघोषित दावेदार: हिलेरी

मनमोहन सिंह और हिलेरी क्लिंटन

गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स ने अमरीकी दूतावासों की ओर से भेजे गए क़रीब ढाई लाख संदेशों को जारी किया है. इनमें सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारतीय दावेदारी की खिल्ली उड़ाई गई है.

विकीलीक्स में सार्वजनिक किए गोपनीय दस्तावेज़ों के मुताबिक अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि 'भारत ने ख़ुद ही अपने आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दौड़ में सबसे आगे क़रार दे दिया है.'

गोपनीय दस्तावेज़ों के अनुसार उन्होंने अमरीकी राजयनिकों को निर्देश दिया था कि वे संयुक्त राष्ट्र में मुख्यालय में तैनात भारतीय राजनयिकों की गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराएँ.

ये गोपनीय दस्तावेज़ 31 जुलाई, 2009 को हिलेरी क्लिंटन की ओर से भेजा गया था.

इसमें अमरीकी कूटनयिकों से कहा गया था कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते से संबंधित सभी जानकारी गुप्तचर एजेंसियों को सौंप दें.

इसके अलावा दस्तावेज़ों में अबू धाबी के शहज़ादे मोहम्मद बिन ज़ायेद और अमरीकी नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल माइकल डन के बीच बातचीत का ब्योरा भी है जिसमें भारत का उल्लेख है.

अबू धाबी के शहज़ादे की टिप्पणी

इसमें अबू धाबी के शहज़ादे ने पाकिस्तान को एफ़-16 विमान देने के फ़ैसले की तारीफ़ की है और कहा है कि 'भले ही भारतीय इस फ़ैसले से निराश हों लेकिन इस क्षेत्र के लिए मुशर्रफ़ का मज़बूत रहना ज़रूरी है.'

दस्तावेज़ में शहज़ादे के हवाले से कहा गया है कि एफ़-16 विमान पाकिस्तान को देने से भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संतुलन नहीं बिगड़ेगा.

ग़ौरतलब है कि अमरीका ने इन जानकारियों को सार्वजनिक करने की आलोचना की है.

अमरीका ने पहले भी विकिलीक्स से अपील की थी कि वो ऐसी जानकारियाँ सार्वजनिक न करे.

लेकिन इन जानकारियों के लीक होने के बाद व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करके इसकी आलोचना की है.

व्हाइट हाउस ने कहा, "राष्ट्रपति बराक ओबामा दुनियाभर में विश्वसनीय, ज़िम्मेदारीपूर्ण और पारदर्शी सरकारों का समर्थन करते हैं. लेकिन इस ग़ैरज़िम्मेदारी वाले और ख़तरनाक क़दम से इस लक्ष्य को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. हम इन गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक करके के फ़ैसले की कड़ी आलोचना करते हैं."

लेकिन विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे का तर्क है कि अमरीकी अधिकारी अपने कामों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से डरते हैं.

इससे पहले भी विकीलीक्स ने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी नीतियों से संबंधित दस्तावेज़ लीक किए थे.

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