ब्रिटेन में कई भारतीय गिरफ़्तार

  • 1 दिसंबर 2010
वीज़ा
Image caption वीज़ा के नियमों को तोड़कर नौकरी करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जा रही है

ब्रिटेन में विदेश से आने वाले लोगों की निगरानी करने वाली यूके बॉर्डर एजेंसी (यूकेबीए) ने देश में अवैध तरीक़े से काम कर रहे कई भारतीय लोगों को गिरफ़्तार किया है.

28 भारतीय वेल्स में एक निर्माणाधीन विद्युत संयंत्र परियोजना में अवैध तरीक़े से काम कर रहे थे जबकि छह अन्य भारतीय नागरिकों को यूके में अवैध तरीक़े से घुसने की कोशिश करते समय गिरफ़्तार किया गया.

इन लोगों पर वीज़ा नियमों का उल्लंघन करके ब्रिटेन में रहने और काम करने के आरोप हैं. इसके अलावा लंदन, डेवन और लैंकाशर से सात भारतीय लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जो रेस्तराँओं और दुकानों में काम कर रहे थे.

भारत से आए एक छात्र को ईस्टबॉर्न में गिरफ़्तार किया गया है जिसके ऊपर आरोप है कि उसने वीज़ा के तहत दी गई अनुमति से कहीं अधिक समय तक काम किया.

अब इन गिरफ़्तार लोगों को वापस भारत भेजने की प्रक्रिया चल रही है.

ऐसे लोगों को नौकरी देने वालों पर प्रति कर्मचारी के हिसाब से दस हज़ार पाउंड (लगभग साढ़े सात लाख रुपए) का जुर्माना लगाया गया है.

ब्रिटेन के इमिग्रेशन मामलों के मंत्री डेमियन ग्रीन ने कहा, "देश के कई हिस्सों में इस तरह के अभियान चल रहे हैं, कुछ महीने पहले भी हमने बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन के क़ानून तोड़ने वाले लोगों को पकड़ा था."

उन्होंने कहा, "अवैध इमिग्रेशन से देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बोझ पड़ता है और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में देश ऐसा अतिरिक्त भार वहन नहीं कर सकता. "

जुलाई महीने से लेकर अब तक देश भर में 400 से अधिक स्थानों पर अचानक निरीक्षण किया गया है, जिन निरीक्षणों के बाद दुनिया के अलग अलग देशों से आए 800 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

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