उत्तरी यूरोप में बर्फ़ का कहर

Image caption ब्रिटेन, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड में हवाईअड्डे बंद कर दिए गए हैं जबकि जर्मनी और स्पेन में दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा है.

भारी बर्फ़बारी के चलते उत्तरी यूरोप के कई देशों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. हवाईअड्डों को बंद कर दिया गया और यातायात ठप्प हो गया है.

पोलेंड में बर्फ़बारी के बाद तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया और आठ बेघर लोगों की मौत हो गई है.

ब्रिटेन, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड में हवाईअड्डे बंद कर दिए गए हैं जबकि जर्मनी और स्पेन में दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा है.

बर्फ़बारी के बाद आवाजाही पर इस कदर असर पड़ा है कि स्पेन के प्रधानमंत्री जोस लुइस रॉड्रिग्स फ़िफ़ा फुटबॉल विश्व कप में मतदान के लिए देर से ज़्यूरिक पहुंच सके.

रूस की राजधानी मॉस्को में तापमान शून्य से 23.6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया. एक दिसंबर 1931 से अब तक, ये तापमान में आई सबसे ज़्यादा गिरावट है.

ताज़ा चेतावनी

पोलेंड में ठंड के कहर के चलते सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बेघर लोगों के बारे में तुरंत पुलिस विभाग को सूचित किया जाए.

ब्रिटेन में लगातार बर्फ़बारी के बाद हज़ारों स्कूलों को बंद कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बर्फ़बारी के बाद इस तरह के हालात पहले कभी नहीं देखे गए.

ब्रिटेन के पश्चिमी और केंद्रीय इलाकों में और बर्फ़बारी होने का अंदेशा है जिसे लेकर मौसम विभाग ने ताज़ा चेतावनी जारी की है.

फ्रांस के 12 इलाकों में जाम और यातायात ठप्प होने के बाद लॉरी और बसों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इसके बाद 7000 से ज़्यादा वाहन रातभर सड़कों पर फंसे रहे.

गैस और बिजली की बढ़ती मांग के चलते यूरोपीय बाज़ार में इनकी कीमत बढ़ गई है.

एक ग्राहक के अनुसार, ''लोग बहुत घबराए हुए हैं. ये स्थिति हमें पागल कर रही है. अगर इन चीज़ों की कमी होने लगी तो हम बहुत मुसीबत में फंस जाएंगे. ''

उत्तरी यूरोप में जहां बर्फ़ का कहर है वहीं दक्षिणी भाग की तस्वीर बेहद अलग है.

साइप्रस में बेमौसम की गर्मी के चलते लोग छुटिटयों का मज़ा ले रहे हैं. दिसंबर के महीने में भी यहां का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर टिका है.

संबंधित समाचार