ओबामा अफ़गानिस्तान में, बिना पूर्व सूचना के

Image caption ओबामा ख़राब मौसम के कारण काबुल नहीं जा पाए हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा बिना किसी पूर्व सूचना के अफ़गानिस्तान के दौरे पर पहुंच गए हैं जहां उन्होंने बगराम सैनिक अड्डे पर अमरीकी सेना को संबोधित किया है.

क्रिसमस से पहले उन्होंने अमरीकी सैनिकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा है कि अफ़गानिस्तान में मौजूद अमरीकी सैनिकों की वजह से ही अमरीका अपनी आज़ादी का आनंद उठा पा रहा है.

उन्होंने कहा कि वहां लड़ रहा गठबंधन पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा ताक़तवर है और उन्होंने गठबंधन के कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस की काफ़ी सराहना की.

उनका कहना था, “तालिबान के ख़िलाफ़ मिली महत्वपूर्ण कामयाबियों के बावजूद आनेवाले दिनों में कई ऐसे दिन होंगे जो अंधकारमय होंगे. लेकिन अंतत: जीत अमरीका की ही होगी.”

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि ओबामा की योजना राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मिलने की भी थी लेकिन ख़राब मौसम की वजह से वो काबुल के लिए उड़ान नहीं भर पाए हैं.

दोनों ही नेताओं ने एक सुरक्षित टेलीफ़ोन लाइन के ज़रिए बातचीत की है.

राष्ट्रपति के रूप में ओबामा का ये अफ़गानिस्तान का दूसरा दौरा है. इससे पहले वो मार्च में वहां गए थे.

अब से लगभग एक साल पहले राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़गानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या में 30,000 की बढ़ोतरी का एलान किया था.

इसी महीने उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम अफ़गानिस्तान की उस नई नीति पर रिपोर्ट देनेवाली है.

कुछ ही दिनों पहले अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तालिबान की ताक़त और हिंसा में बढ़ोतरी हुई है.

शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी अफ़गानिस्तान पहुंच रहे हैं और अमरीका ने दोनों ही देशों से और ज़्यादा एकजुट होकर चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ने की अपील की है.

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