परमाणु ईंधन बैंक को मंज़ूरी

  • 4 दिसंबर 2010

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ईंधन बैंक बनाए जाने को अपनी मंज़ूरी दे दी है.

ये बैंक उन देशों को ईंधन देगा जो परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करते हैं.

यानी ये देश अपने परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन सीधे आईएईए के ईंधन बैंक से ले सकते हैं और उन्हें यूरेनियम का संवर्धन नहीं करना पड़ेगा.

परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए संवर्धित यूरेनियम की ज़रूरत होती है.

ईंधन बैंक का संचालन आईएईए करेगा और ये ऐसे समय में विभिन्न देशों को परमाणु ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करेगा जब परमाणु ऊर्जा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और कई जगह राजनीतिक अस्थिरता है.

परमाणु प्रसार पर चिंता

लेकिन इस सब से भी बढ़कर बैंक का मुख्य मकसद है परमाणु प्रसार को कम करना क्योंकि अगर किसी देश के पास संवर्धित यूरेनियम है तो वो इसका इस्तेमाल एटम बम बनाने के लिए कर सकता है और बिजली पैदा करने के लिए भी.

जैसे ईरान हमेशा इस बात पर ज़ोर देता रहा है कि वो यूरेनियम संवर्धन का काम ख़ुद करेगा.

जबकि कई देश ये कह चुके हैं कि वो ईरान को सीधे ईंधन देने के लिए तैयार हैं जहाँ उसे संवर्धन करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

बीबीसी संवाददाता केरी स्काईरिंग के मुताबिक इस वजह से ईरान पर कई देश शक करते हैं कि वो परमाणु हथियार बनाना चाहता है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ईंधन बैंक को अमरीका और आईएईए के 35 में से ज़्यादातर सदस्यों का समर्थन हासिल है.

माना जा रहा है कि आईएईए बैंक कज़ाकस्तान में स्थापित किया जा सकता है.

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