'भारत स्थाई सदस्यता का हक़दार'

भारत दौरे पर आए फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है.

सार्कोज़ी शनिवार को भारत के चार दिन के दौरे पर आए हैं और सीधे बंगौलर गए जहाँ उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान (इसरो) में वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित किया.

इसरो संबोधन में उन्होंने कहा, “भारत सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता का हक़दार है. भारत समेत ब्राज़ील, जर्मनी, जापान, अफ़्रीका, और अरब देशों को सुरक्षा परिषद में होना चाहिए.”

सार्कोज़ी सात मंत्रियों समेत 60 लोगों के दल के साथ भारत आए हैं.

माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और असैनिक परमाणु सहयोग पर बातचीत करना है जिससे फ़्रांस को अच्छा-ख़ासा बिज़नेस मिल सकता है.

सार्कोज़ी ने भारत के असैन्य परमाणु कार्यक्रम को भी अपना समर्थन दिया है पर कहा है कि इस उद्योग तक अभी पहुँच ‘सीमित’ है.

निकोला सार्कोज़ी का कहना था,“फ़्रांस भारत का दोस्त है. हम भारत के परमाणु कार्यक्रम के विकास में मदद करेंगे. जैतापुर में परमाणु प्लांट लगाने में मदद करने में हमें ख़ुशी होगी जहाँ से दस हज़ार मेगावाट ऊर्जा बन सकेगी. परमाणु मुद्दे पर भारत को अलग-थलग करने की नीति बंद होनी होगी.”

'परमाणु कार्यक्रम पर सहयोग देंगे'

फ़्रांस जी-20 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में सुधार के मुद्दे पर भारत से समर्थन की उम्मीद रखता है. इस महीने जी-20 की अध्यक्षता फ़्रांस के पास जाने वाली है.

इसके अलावा फ्रांस की कुछ कंपनियां लड़ाकू विमानों की ख़रीद-फ़रोख्त के लिए भारत के साथ बातचीत कर रही हैं और अपनी यात्रा के दौरान सार्कोज़ी इन सौदों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश करेंगे.

रविवार को फ़्रांसीसी राष्ट्रपति अपनी पत्नी कार्ला ब्रूनी के साथ निजी यात्रा पर ताज महल देखने जाएँगे.

पिछली बार जब वे भारत आए थे तो अभी कार्ला ब्रूनी से उनकी शादी नहीं हुई थी और कार्ला भारत नहीं आई थीं

इसके बाद सार्कोज़ी सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन से दिल्ली में मुलाक़ात करेंगे जिसके बाद वे मुंबई में बिज़नेस जगत से जुड़ी हस्तियों को संबंधित करेंगे.

राष्ट्रपति बनने के बाद सार्कोज़ी का ये दूसरा भारत दौरा है.

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