नेतनयाहू,अब्बास ने फ़ोन पर की बात

Image caption इसराइल के जंगल में लगी आग को बुझाने में कम से कम एक हफ़्ता और लग सकता है.

उत्तरी इसराइल के जंगलों में लगी आग को बुझाने में जो कोशिशें अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही हैं, उसमें फ़लस्तीनी अग्निशमन विभाग ने भी अपना योगदान दिया है.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने तीन नागरिक रक्षा इकाइयों को भेजने का प्रस्ताव रखा तो नेतनयाहू ने उसे स्वीकार करने में कोई देरी नहीं की.

इस सिलसिले में शनिवार को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने मदद देने के लिए फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को धन्यवाद दिया.

इसरायली अधिकारियों ने बताया है कि नेतनयाहू ने महमूद अब्बास से कहा कि पड़ोसियों को हमेशा एक दूसरे की मदद करनी चाहिए.

इस बातचीत को गर्मजोशी से भरपूर और मित्रतापूर्ण बताया गया है.

माना जा रहा है कि इस साल सितंबर के अंत के बाद से, जबकि नेतनयाहू ने यहूदी बस्तियों के निर्माण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था और दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्त्ता रुक गई, दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी.

इसराइल के लिए ये बहुत बड़ी आपदा है और इसराइल का कहना है कि इसे बुझाने के लिए उसे जो भी मदद मिलेगी, वो इसे स्वीकार करेगा.

कुछ प्रेक्षकों का मानना है कि ये एक ऐसा मौका है जो दोनों देशों के बीच के विवाद को कुछ कम कर सकता है.

लेकिन ज़मीन विवाद, धर्म और इतिहास को देखते हुए ये विश्वास कर पाना मुश्किल है.

और वक़्त लगेगा

इसरायली अधिकारियों का कहना है कि आग पर क़ाबू पाने में कम से कम अभी एक और हफ़्ता लग जाएगा.

Image caption इसराइल की आग की वजह से अबतक कम से कम 41 लोगों की मौत हुई है.

इसराइली पुलिस के एक प्रवक्ता मिकी रोज़नफ़िल्ड ने बताया कि कई देशों ने आग पर क़ाबू पाने के लिए जहाज़ और अग्निशमन कर्मियों को भेजा है.

इसमें फ़्रांस, अमरीका, स्पेन, साइप्रस, हंगरी और इटली प्रमुख हैं.

मिकी रोज़नफ़िल्ड ने कहा, ''आगवाले क्षेत्र में तीन रूसी हवाई जहाज़ आग बुझाने के काम में लगे हुए हैं. इसके अलावा छह और हवाई जहाज़ जोकि अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर सहायता के तौर पर काम करेंगे, इसराइल पहुँच रहे हैं.''

इस आग की वजह से अबतक कम से कम 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 17 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थान की तलाश में विस्थापित होना पड़ा है.

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