'कोरियाई प्रायद्वीप में बेकाबू हो सकती है स्थिति'

  • 6 दिसंबर 2010
दक्षिण कोरिया का जहाज़
Image caption दक्षिण कोरिया चेतावनी के बावजूद सैन्य अभ्यास कर रहा है.

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से कहा है कि कि कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ रहे तनाव को अगर सही ढंग से संभाला नहीं गया तो स्थिति अनियंत्रित हो सकती है.

दक्षिण कोरिया ने पूरे देश में सैन्य अभ्यास शुरु कर दिया है और इस घटमाक्रम के बाद दोनों देशों के नेताओं ने फोन पर बातचीत की.

दो हफ़्ते पहले इसी तरह के सैन्य अभ्यास के विरोध स्वरूप उत्तरी कोरिया ने दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप पर गोले बरसाए थे. इस कार्रवाई में दक्षिण कोरिया के चार नागरिक मारे गए थे.

सैन्य अभ्यास

ओबामा ने कहा है कि चीन को उत्तर कोरिया के समक्ष साफ कर देना चाहिए कि उत्तर कोरिया इस तरह की उकसाने वाली गतिविधियों पर लगाम कसे.

दक्षिण कोरिया में हो रहे ये सैन्य अभ्यास देश के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी तटीय इलाक़ों में हो रहे हैं.

पश्चिम में समुद्री सीमा के सबसे ज़्यादा विवादित क्षेत्र में ये अभ्यास नहीं किए जा रहे हैं.

दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य कमान के प्रमुख ने कहा है कि सैनिक टुकड़ियों और लड़ाकू जहाज़ों के बेड़े के साथ हो रहे ये सैन्य अभ्यास 29 ठिकानों पर हो रहे हैं.

इसमें से उत्तरी कोरिया की सीमा से लगे येलो सागर के पास मौजूद पाँच द्वीपों में से एक द्वीप भी शामिल है.

उत्तरी कोरिया ने ये चेतावनी दी थी कि वह इस तरह की किसी भी कार्रवाई को उकसाने वाली हरकत मानेगा.

दक्षिण कोरिया ने कहा था कि अगर उत्तरी कोरिया फिर उसके नागरिकों पर हमले करेगा, तो वह जवाबी कार्रवाई स्वरूप हवाई हमले करेगा.

तनाव

Image caption उत्तरी कोरिया ने चेतावनी दी थी कि दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास न करे.

एक ओर इस क्षेत्र में जहाँ दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास कर रहा है वहीं जापान और अमरीका भी इसी क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.

ये अबतक का पहला सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास है.

'कीन स्वॉर्ड' नाम के इस सैन्य अभ्यास में 44 हज़ार सैन्य अधिकारी, चार सौ लड़ाकू हवाई जहाज़ और 60 समुद्री जहाज़ों के बेड़े शामिल हैं.

अमरीका का परमाणु ऊर्जा संचालित एयरक्राफ़्ट कैरियर, 'जॉर्ज वाशिंगटन' भी, जिसने हाल ही में अमरीका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया था, जापान के साथ हो रहे इस सबसे बड़े सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहा है.

इस सैन्य अभ्यास में जापान के मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमान और एफ़-16 लड़ाकू विमान शामिल हैं. ये अभ्यास पूर्व नियोजित थे.

यानि कि 23 नवंबर को उत्तरी कोरिया ने जो दक्षिण कोरिया के द्वीप पर गोले बरसाए, जिसमें उसके चार नागरिक मारे गए, उससे पहले इसकी योजना बनी थी.

अमरीका और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास 10 दिसंबर तक चलेंगे और ये अमरीका और जापान के सहयोग की 50वीं सालगिरह के अवसर पर आयोजित किए जा रहे हैं.

कोरियाई प्रायद्वीप में इसे लेकर तनाव व्याप्त है.

इस बीच अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच वार्त्ता की मेज़बानी करने वाला है. चीन ने कहा है कि इस विषय पर छह देशों की वार्त्ता शुरू की जाए.