भारत में चर्चा भ्रष्टाचार की, पाक में आतंकवाद

  • 9 दिसंबर 2010
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Image caption भारत में पिछले कुछ महीनों में ही भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले सामने आए हैं

बीबीसी के एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत में सबसे अधिक बातचीत भ्रष्टाचार के मुद्दे पर होती है और पाकिस्तान में आतंकवाद पर.

बीबीसी ने दुनिया के 26 देशों में 13,353 लोगों के बीच आमने-सामने, ऑनलाइन (जापान में) और फ़ोन के ज़रिए सर्वेक्षण कराया जिसमें ये बाते सामने आई हैं.

ये सर्वेक्षण 24 जून और 18 सितंबर 2010 के बीच बीबीसी वर्ल्डल सर्विस के लिए ग्लोबस्कैन और विभिन्न देशों में शोध करने वाले उसकी सहयोगी संस्थाओं ने किया.

भ्रष्टाचार, आतंकवाद,फिर जलवायु परिवर्तन

दुनिया की कई वैश्विक समस्याओं में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है और भारत में 66 प्रतिशत लोगों का मानना था कि भ्रष्टाचार एक गंभीर वैश्विक समस्या है.

दुनिया भर में औसतन 68 प्रतिशत लोग भी भ्रष्टाचार को बड़ी और गंभीर वैश्विक समस्या मानते हैं.

भारत में 30 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वे आम तौर पर सबसे अधिक भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं.

भारत में दूसरी सबसे बड़ी वैश्विक समस्या आतंकवाद है जिस पर लोग बहस करते हैं. भारत में जिन लोगों ने सर्वेक्षण में भाग लिया उनमें से दो-तिहाई ने इसे गंभीर वैश्विक समस्या भी बताया.

भारत में 25 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्होंने एक महीने में आतंकवाद पर बहुत बहस की थी. हालाँकि दुनिया में औसतन 14 प्रतिशत लोग ही आतंकवाद को गंभीर वैश्विक समस्या मानते हैं.

भारत में 52 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार और आतंकवाद के अलावा जलवायु परिवर्तन को भी गंभीर वैश्विक समस्या बताया.

पाक में आतंकवाद गंभीर समस्या

उधर पाकिस्तान में 54 प्रतिशत लोगों का कहना था कि लोग सबसे अधिक बातचीत आतंकवाद के मुद्दे पर करते हैं.

पाकिस्तान में 61 प्रतिशत लोगों ने आतंकवाद को ही सबसे गंभीर वैश्विक मुद्दा बताया.

पाकिस्तान में आतंकवाद के बाद सबसे बड़ी समस्या रही भोजन और तेल की बढ़ती क़ीमतें. पाकिस्तान में 47 प्रतिशत लोगों ने खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों पर चर्चा की जबकि 30 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताया है.

कुल मिलाकर बीबीसी के सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया भर में सबसे ज्यादा बात जिस मुद्दे पर होती है वो है भ्रष्टाचार. सर्वेक्षण में हर पाँच में एक से अधिक व्यक्ति का कहना था कि उन्होंने पिछले एक महीने में अपने परिवार और दोस्तों के साथ भ्रष्टाचार के बारे में बात की है.

वैश्विक स्तर पर 21 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार पर सबसे अधिक बात होती है जबकि 20 प्रतिशत लोग मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन पर ज्यादा बात होती है. ग़रीबी पर बात करने वाले 18 प्रतिशत रहे जबकि बेरोज़गारी पर 16 प्रतिशत और भोजन की बढ़ती क़ीमतों पर बात करने वाले 15 प्रतिशत हैं.

बीबीसी के सर्वेक्षण के मुताबिक विश्व के 26 देशों में जो मुद्दे सबसे ज़्यादा चर्चित रहे वो इस प्रकार हैं:

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