सूनामी में 'मरी' बच्ची जिंदा मिली

सू्नामी
Image caption श्रीलंका में 2004 में आई सूनामी में हज़ारो बच्चे लापता और अनाथ हो थे.

श्रीलंका में अधिकारियों को एक छह साल की बच्ची मिली है जिसके बारे में ये समझा जा रहा था कि वो 2004 में आई सूनामी में मर गई थी.

श्रीलंका के राष्ट्रीय बाल सुरक्षा प्राधिकरण की अधिकारी एनोमा दिशानायके का कहना है कि ये बच्ची एक दंपति के साथ रह रही थी जो ये दावा कर रहे है की ये बच्ची उनकी है.

बीबीसी को दिशानायके ने बताया,''इस दंपति का ये दावा ग़लत था क्योंकि उन्होंने इस बच्ची को क़ानूनी तौर पर गोद नहीं लिया है और उसके पहचान पत्र भी नक़ली है़.''

डीएनए टेस्ट

उनका कहना था,'' हम इस बच्ची के माता-पिता की जानकारी के लिए डीएनए टेस्ट करवाएँगें.''

दिशानायकें का कहना था कि इस बच्ची के अभिभावकों के बारे में जानकारी हासिल करने में उनकी एजेंसीं को एक हफ़्ते से एक साल का समय लगेगा.

श्रीलंका में 2004 में आई सूनामी में 30,000 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

इस सूनामी के बाद हज़ारों की संख्या में बच्चे लापता हो गए थे और पांच लाख लोग बेघर हो गए थे.

ये समझा जा रहा है कि ये बच्ची देश के दक्षिणी हिस्से में पड़ने वाले शहर गॉल की रहने वाली है जहां सूनामी ने सबसे ज़्यादा तबाही मचाई थी.

दिशानायकें का कहना है,''जब तक इस बच्ची के माता-पिता नहीं मिल जाते ये हम उसकी देखभाल करेंगे.''

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बच्ची के बारे में गुप्त जानकारी मिली थी.

उनका कहना था कि जो दंपति इस बच्ची के माँ-बाप होने का दावा कर रहे थे उन्हें हिरासत में ले लिया गया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

दिशानायकें का कहना था कि इस दंपति ने उन्हें ये बताया था कि उन्होंने इस बच्ची को एक भिखारी से दो हज़ार रुपए देकर लिया था.

उनका कहना था, " लेकिन ये सच नहीं है. श्रीलंका में आप सड़कों से बच्चे नहीं ख़रीद सकते है. ये तो ऐसा हुआ मानो आप आम खरीद रहे हो."

साथ ही उन्होंने ये संतोष भी जताया कि ये बच्ची कोलंबो के एक स्कूल में पढ़ रही है और इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि इस बच्ची के साथ कोई दुर्व्यवहार हुआ है. हालांकि इस बच्ची के शरीर पर ख़रोंच के कुछ निशान ज़रुर है लेकिन उसका कहना है कि ये उसके 15 साल के भाई के साथ हुई लड़ाई की वजह से है.

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