भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन: आडवाणी

  • 14 दिसंबर 2010
लालकृष्ण आडवाणी, वरिष्ठ नेता, भाजपा

संसद के शीतकालीन सत्र की समाप्ति के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कांग्रेस को संसद की कार्यवाही न चलने देने का ज़िम्मेदार ठहराया है.

भाजपा ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ देश भर में 22 दिसंबर को एक बड़ी रैली करने की घोषणा की है.इसके तहत एनडीए बारह जगह पर रैलियाँ करेगा.

जिन 12 जगह रैली होगी उनमें दिल्ली के अलावा लुधियाना,रोहतक,जयपुर,लखनऊ, पटना, भुवनेश्वर,भोपाल,अहमदाबाद, मुम्बई, हैदराबाद और चेन्नई शामिल हैं.

पत्रकारों से बातचीत में आडवाणी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने भारतीय राजनीति में भूकंप ला दिया है.

2जी स्प्रेक्ट्रम घोटाले पर बयान देते हुए उनका कहना था,"2जी घोटाले में लॉबी करने वाले जाने कितने ही लोगों से बातचीत कर रहे हैं.ऐसा लग रहा है यूपीए सरकार को प्रधानमंत्री ने नहीं बनाया क्योंकि उन्हें तो कई चीज़ों के बारे में पता भी नहीं है.किन नेताओं को किस मंत्रिमड़ल का भार सौंपा जाए वो भी दूसरे ही फैसला ले रहे है."

मध्यावधि चुनाव को भ्रष्टाचार का हल न बताते हुए उन्होंने कहा,“मध्यावधि चुनाव मेरा सुझाव नहीं है,अविश्वास प्रस्ताव की ये बात सत्ता पक्ष की ओर से आई है.इस समस्या का जो समाधान हमने पेश किया है वो जेपीसी है.”

2जी स्प्रेक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय समिति की मांग पर आडवाणी का कहना था कि इस पर विपक्ष ही नहीं यूपीए का भी यही मत था.लेकिन कांग्रेस ने इस पर कुछ नहीं किया जिसके कारण शीतकालीन सत्र की कार्यवाही चल पाई.

दरअसल 2जी स्प्रेक्ट्रम मामले में कथित घोटाले की जाँच के लिए विपक्ष संयुक्त संसदीय समिति(जेपीसी) की मांग कर रहा है लेकिन सरकार उनकी मांग को ख़ारिज कर चुकी है.

आंदोलन

इस कारण संसद के शीतकालीन सत्र में कोई काम नहीं हो सका और सदन का ज़्यादातर समय गतिरोध की भेंट चढ़ गया.

इससे पहले इस समस्या का समाधान निकालने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी बात कही थी लेकिन विपक्ष ने इससे इंकार कर दिया था.

लोकसभा में सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने 16 नवंबर को विपक्ष के साथ बैठक की थी लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका.

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना था यूपीए सरकार में जिस तरह से भ्रष्टाचार फैल रहा है वो चिंता का विषय है.

उनका कहना था,"आज कांग्रेस और डीएमके पार्टी के बीच गठबंधन है.कल वो किसी और पार्टी के साथ सत्ता में आ सकती है लेकिन ज़रुरी है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया जाए और न्याय होना चाहिए."

आडवाणी ने जेपीसी की मांग का मुद्दा गर्म रखने पर सफाई देते हुए कहा,"हमनें आज ये फैसला लिया है कि अगर हमें संसद में न्याय नहीं मिलता तो हम सड़को पर उतरेंगे.हम जनता के पास जाएगें.अगर सरकार जेपीसी का गठन नहीं करती तो हम किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं करेंगे "

लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि सरकार विपक्ष की माँग को ठुकराने के लिए एक भी ठोस कारण नहीं बता पाई है.

अपनी माँग का समर्थन करते हुए आडवाणी ने इसे देश का सबसे बडा घोटाला बताया और कहा कि देश जानना चाहता है कि इस घोटाले से कौन-कौन लाभान्वित हुए.

आडवाणी ने कहा,“ये सिर्फ एक घोटाला भर नहीं है, इसके कई आयाम हैं.”

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