बांग्लादेश की मिल में आग, 25 मरे

Image caption बांग्लादेश की कपड़ा मिलों में शॉर्ट सर्कट और घटिया दर्जे की तारों के इस्तेमाल से आग का ख़तरा बना रहता है.

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक कपड़ा मिल में आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है और 40 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

ढाका पुलिस के प्रवक्ता इक़बाल बहार ने बीबीसी को बताया कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है हालांकि आग पर अभी क़ाबू पाया जा चुका है.

बहार का कहना है कि जो लोग इस कपड़ा मिल के 11वें माले पर फँसे थे वे अपनी जान बचाने के लिए वहाँ से कूद गए जिससे उन्हें चोट आई है.

ये मिल ढाका की सीमा पर अशहुलिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है.

सेना बचाव और राहत का काम कर रही है. ढाका से अग्नि शमन दल घटनास्थल पहुँच चुका है और मज़दूरों को मिल से निकालने के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली गई.

पुलिस प्रवक्ता इक़बाल अहमद का कहना है कि कई मालों वाली इस मिल में ज़िंदा मज़दूरों की तलाश की जा रही है.

बांग्लादेश में क़रीब 4000 कपड़ा मिले हैं.इनमें एक साल में 100 करोड़ डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात होता है.ये ख़ासतौर पर अमरीका और यूरोप के लिए होता है.

इस प्लांट के मालिक देश के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक हा-मीम समूह से है.इस समूह के अंतर्गत 14 हज़ार मज़दूर काम करते हैं.

इलाके के उप निरीक्षक मुस्तफ़ा चौधरी ने एएफ़पी सामाचार एजेंसी को दी गई जानकारी में कहा है कि कुछ मज़दूर अपनी जान बचाने के लिए हुई भगधड़ में घायल हो गए तो कुछ धुँए में सांस लेने के कारण.

चौधरी का कहना था कि कुछ मज़दूरों ने शिकायत की थी कि मिल के आपातकालिन दरवाज़े पर ताला लगा हुआ था.

उनका कहना है,"ये आग कैंटीन से 11वें माले में लगी और उसके बाद तुरंत फैल गई.अभी भी लोग फँसें होंगे क्योंकि मिल के निकास दरवाज़े अकसर बंद रहते है. "

बांग्लादेश की कपड़ा मिल में शॉर्ट सर्कट और घटिया दर्जे़ के बिजली की तार के इस्तेमाल के कारण आग लगती रहती हैं और इन कारखानों में आग से बचने का रास्ता भी नहीं होता.

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