ग्रीस में नए विधेयक पर प्रदर्शन

  • 15 दिसंबर 2010
Image caption ग्रीस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

ग्रीस में सरकारी ख़र्चो में की गई कटौती के ख़िलाफ़ लोगों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर क़ाबू पाने के लिए आंसु गैस का इस्तेमाल किया. ये प्रदर्शनकारी गाड़ियों को नुक़सान पहुँचा रहे थे और बम फेंक रहे थे.

कंज़र्वेटिव पार्टी के पूर्व वरिष्ठ मंत्री और अब विपक्षी पार्टी के नेता के संसद से बाहर निकलते ही मार-पीट का माहौल बन गया.

इसके बाद दर्जन भर लोग उनका पीछा करते हुए उन्हें सड़कों पर ले आए और फिर उन्हें पीटा.

मंत्री के कार्यालय के अनुसार इन प्रदर्शनकारियों ने उनके सिर पर हमला किया और उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया जा सका क्योंकि जहाँ ये घटना घटी वहाँ भीड़ बहुत ज़्यादा थी.

इसके बाद कॉस्टिट्यूशन स्क्वॉयर में भी बड़ी झड़प हुई.

वित्तीय संकट और मुश्किल दौर से गुज़र रहे ग्रीस के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई ये झड़प अबतक की सबसे बुरी झड़पों में से एक है.

राजधानी एथेंस में स्थित संसद की सुरक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम,मार्बल के टुकड़े और पटाखे छोड़े.

नाराज़

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर आंसु गैस छोड़ी और उन्हीं के पेट्रोल बमों से पलटकर उनपर हमला किया.

ये प्रदर्शनकारी सरकारी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन को मौजूदा स्तर पर सीमित रखने वाले नए विधेयक से नाराज़ थे.

इस विधेयक के तहत निजि कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन कम करना भी शामिल होगा.

दरअसल सुधार के ये निर्देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय संघ की तरफ से जारी किए गए है.

विपक्षी पार्टी के नेता इस बात से नाराज़ है कि सरकार ने रोज़गार क़ानून जैसे बड़े मुद्दे पर बहस के लिए केवल दस घंटे दिए.

प्रधानमंत्री जॉर्ज पापेंद्रू के पास इसे लागू करने के सिवा बहुत कम विकल्प थे.

इस विधेयक को लाने से प्रधानमंत्री की तो जीत हुई है लेकिन देश भर में लोग इससे नाराज़ हैं.

इससे ये भी साफ़ हो गया है कि ग्रीस को जो रास्ता अंतरराष्ट्रीय लेनदारों ने दिखाया है उस पर वो चलकर वित्तीय संकट से निकलने के लिए नए साल में राहत सहायता का चौथा भाग पा लेगा.

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