धूम्रपान से हुई मौत के लिए मुआवज़ा

  • 15 दिसंबर 2010
Image caption सिगरेट बनाने वाली कंपनी लॉरिलार्ड न्यूपोर्ट, केंट और ओल्ड गोल्ड जैसे लोकप्रिय ब्रांड की सिगरेट बनाती है.

एक अदालत ने अमरीका की तीसरी सबसे बड़ी तंबाकू कंपनी को आदेश दिया है कि वह धूम्रपान करने से हुई एक महिला की मौत के लिए उसके बच्चों को सात करोड़ डॉलर यानी लगभग तीन सौ करोड़ रुपए के बराबर का मुआवज़ा दे.

जूरी ने सिगरेट कंपनी लॉरिलार्ड को अश्वेत बच्चों को मुफ़्त में सिगरेट बाँटकर उनमें धूम्रपान की आदत डालने का भी दोषी पाया है.

जब मैरी इवान्स नौ साल की थीं तो बोस्टन मैसाचुसेट्स के ग़रीब और अश्वेत बहुल इलाक़े में एक गाड़ी में घूमते हुए व्यक्ति ने उसे मुफ़्त में सिगरेटें दीं.

पहले तो इन सिगरेटों के बदले उसने चॉकलेट ले लिए लेकिन 13 वर्ष की उम्र तक पहुँचते-पहुँचते उसे सिगरेट की लत लग गई.

54 वर्ष की उम्र में उसकी फेफड़े के कैंसर से मौत हो गई.

सिगरेट बनाने वाली कंपनी लॉरिलॉर्ड कई मशहूर ब्रांड की सिगरेट बनाती है, जिनमें कैंट, न्यूपोर्ट और ओल्ड-गोल्ड शामिल हैं.

वह इस बात से इनकार कर रही है कि उसने कभी किसी व्यक्ति को मुफ़्त में सिगरेट बाँटने के काम पर रखा या फिर अश्वेतों को निशाना बनाया.

लेकिन ज्यूरी ने मैरी इवान्स के उस बयान पर भरोसा किया जो उसने वीडियो टेप पर छोड़ा था और कंपनी से कहा कि वह सात करोड़ दस लाख डॉलर का मुआवज़ा दे.

अमरीका की सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के लिए पिछले 24 घंटे बहुत अच्छे नहीं गुज़रे हैं.

इससे पहले वहाँ की दूसरी बड़ी सिगरेट कंपनी आरजे रोनॉल्ड्स दो करोड़ अस्सी लाख डॉलर यानी कोई सवा सौ करोड़ रुपयों के बराबर का मुआवज़ा मुक़दमा हार गई है.

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