अमरीकी अफ़ग़ान नीति की समीक्षा आज

  • 16 दिसंबर 2010
ओबामा
Image caption अफ़ग़ान नीति पर ओबामा की घोषणा पर दुनिया की नज़र है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गुरुवार को अफ़गानिस्तान के बारे में अमरीकी नीति की एक समीक्षा रिपोर्ट पेश करेंगे.

माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में ओबामा तालेबान के विरुद्ध लड़ाई में प्रगति पर संतुष्टि जताने वाले हैं और अगले साल जुलाई से अमरीकी सैनिकों की अमरीका वापसी के सिलसिले की शुरुआत की घोषणा भी करेंगे.

रिपोर्ट में पाकिस्तान से 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' में अधिक सहयोग की भी मांग की जा सकती है.

'तालेबान - बिना रोकटोक आना-जाना'

राष्ट्रपति ओबामा ने रिपोर्ट में कुछ छोटे-मोटे परिवर्त्तन का आदेश दिया था जिसका पालन किया जा चुका है.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रवक्ता राबर्ट गिब्स के अनुसार रिपोर्ट में इस बात की भी चर्चा होगी की अमरीकी प्रशासन को इस बात की चिंता है की तालेबान, मुख्य रूप से हक्कानी ग्रुप के लोग, आसानी से अफ़गानिस्तान से पाकिस्तान आ-जा रहे हैं.

चिंता इस बात पर है कि अफ़गानिस्तान की सरकार अमरीकी मदद के बिना किस तरह से तालेबान को पाकिस्तान में पनाह लेने से रोक सकेगी.

राबर्ट गिब्ज़ ने कहा कि रिपोर्ट पर अमरीकी प्रशासन की एक बैठक में अफ़गानिस्तान पर दो घंटे तक बहस हुई और अमरीकी नीति पर तैयार रिपोर्ट के हर पहलू का जायज़ा लिया गया.

बैठक में पाकिस्तान की भूमिका पर भी विचार किया गया और प्रशासन ने पाकिस्तान के योगदान पर संतुष्टि तो जताई लेकिन यह भी महसूस किया कि पाकिस्तान को अपना सहयोग और भी बढ़ाना चाहिए.

'नीति में कोई परिवर्तन नहीं'

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले वर्ष के समाप्ति से पहले अफ़गानिस्तान में 30 हज़ार और सैनिक भेजे थे ताकि तालेबान और अल कायदा के ख़िलाफ़ युद्ध में तेज़ी लायी जा सके.

तब उन्होंने एक साल बाद अपनी इस नीति का जायज़ा लेने की बात की थी. यह जायज़ा अब लिया जा चुका है और गुरूवार को ओबामा इस पर एक रिपोर्ट जारी करने वाले हैं.

व्हाइट हॉउस के प्रवक्ता राबर्ट गिब्ज़ ने इस का विवरण देते हुए कहा कि अफ़गानिस्तान में अमरीकी नीति काम कर रही है लेकिन चुनौतियां अधिक हैं.

उन्होंने कहा,''हम वहां प्रगति कर रहे हैं. हमारे सामने सुरक्षा और शासन को लेकर कई चुनैतियां बनी हुई हैं. मेरे विचार में राष्ट्रपति इस बात से संतुष्ट हैं कि हमारी पॉलिसी काम कर रही है और इसमें हमें कुछ क़ामयाबी मिली है. और अगर सब ठीक रहा तो योजना के अनुसार अगले जुलाई के महीने से सैनिकों की वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा.''

उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि इस जायज़े की रिपोर्ट में अमरीकी नीति में किसी भी परिवर्तन की बातें नहीं होंगी.

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