स्थायी आर्थिक कोष पर सहमति

  • 17 दिसंबर 2010
यूरोपीय संघ का झंडा
Image caption युरोपीय संघ ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक स्थाई कोष बनाने को मंज़ूरी दे दी है.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने आर्थिक संकट की स्थिति में आने पर उस किसी भी सदस्य देश की मदद करने के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाना तय किया है जिसके चलते 16 देशों का संघ प्रभावित हो सकता हो.

इसके लिए उन्होंने लिस्बन समझौते में बदलाव लाने का फ़ैसला कर लिया है.

इस समझौते में बदलाव लाने के बाद यूरोपीय संघ एक ऐसी स्थायी व्यवस्था क़ायम कर सकेंगे जो आर्थिक संकट की स्थिति पैदा होने पर यूरो-ज़ोन के सदस्य देशों की मदद करेगा.

इस समझौते में कहा गया है कि इस व्यवस्था को तभी लागू किया जाएगा जब किसी एक देश की आर्थिक स्थिति से पैदा हुए परिणाम की वजह से यूरो के स्थायित्त्व को बनाए रखने का संकट पैदा हो जाता है और इसे लागू किए बिना दूसरा कोई चारा हो ही नहीं.

बिगड़ती हुई आर्थिक व्यवस्था से निपटने के लिए इस साल ग्रीस और आयरलैंड को दिए गए अरबों डॉलर के आपात आर्थिक पैकेज के बाद ये समझौता हुआ है.

ये आशंका ज़ाहिर की जा रही है कि पुर्तगाल और स्पेन को भी इसी तरह की आर्थिक मदद की ज़रूरत पड़ सकती है.

मौजूदा स्थिति

अभी यूरोपीय संघ के पास आर्थिक अस्थिरता की स्थिति से निपटने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था है.

इसे इसा साल की शुरूआत में ग्रीस में पैदा हुए आर्थिक संकट के दौरान तैयार किया गया और जिसका इस्तेमाल ग्रीस के अलावा आयरलैंड की मदद के लिए भी किया जा चुका है.

ये व्यवस्था 2013 में ख़त्म होगी और यूरोपीय संघ के नेताओं में सहमति हो गई है कि उसके बाद इसकी जगह एक नई और स्थायी व्यवस्था काम करेगी.

इस नई प्रस्तावित व्यवस्था के बारे में कहा जा रहा है कि इसे लागू करने के लिए कड़ी शर्त्तें होंगी.

जो देश इसे अपने यहाँ लागू करना चाहेंगे उन्हें वैसी ही आर्थिक नीतियाँ लागू करनी होंगी जो ख़र्चे कम करने और पैसे बचाने के लिए अभी ग्रीस और आयइलैंड में लागू की गई हैं.

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