बेलारुस की कड़ी आलोचना

  • 20 दिसंबर 2010
Image caption सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया

बेलारूस में राष्ट्रपति ऐलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको को रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव का विजेता घोषित किया गया है.

चुनाव परिणाम में धांधली के आरोप लगाते हुए हज़ारों लोगों ने राजधानी मिंस्क में विरोध प्रदर्शन किया जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया, मिंस्क से आई वीडियो रिकॉर्डिंग में सुरक्षाकर्मी कई विपक्षी कार्यकर्ताओं की पिटाई करते भी दिखे.

सोवियत संघ का हिस्सा रहे बेलारुस में हुए इन चुनावों को यूरोपीय सुरक्षा संगठन ओएससीई ने दोषपूर्ण बताया है. संगठन के पर्यवेक्षकों ने मतगणना और विपक्षी उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई की कड़ी आलोचना की.

बेलारूस के सुरक्षा बलों ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों समेत राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े कम से कम छह उम्मीदवारों को गिरफ़्तार कर लिया है. इनमें से कुछ की पिटाई भी की गई.

राजधानी मिंस्क में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बेलारूस के चुनाव आयोग की प्रमुख लिडिया यरमोश्याना ने कहा कि 90.66 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें से कोई 80 प्रतिशत वोट राष्ट्रपति लुकाशेंको के पक्ष में डाले गए.

लेकिन विपक्ष इन परिणामों को झूठा बताता है. इसके विरोध में दसियों हज़ार समर्थक मिंस्क के केंद्रीय चौक में जमा हुए. प्रमुख प्रतिपक्षी उम्मीदवार व्लादीमीर नेक्लायेव उनका नेतृत्व कर रहे थे.

जब प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी इमारत में घुसने की कोशिश की तो दंगा निरोधक पुलिस ने उन्हे पीछे धकेल दिया दिया. तभी कुछ नक़ाबपोश लोगों ने नेक्लायेव पर हमला किया जिसमें उन्हे चोटें आई और उन्हे अस्पताल ले जाया गया.

नेक्लायेव की पत्नी ने बताया कि कुछ अधिकारी अस्पताल पहुंच गए और उनके पति को अस्पताल के पलंग से उठाकर घसीट कर ले गए और उन्हे एक अलग कमरे में बंद कर दिया.

यूरोपीय संघ और अमरीका ने भी बेलारूस के प्रशासन पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है. मिंस्क स्थित अमरीकी दूतावास ने एक वक्तव्य जारी करते हुए उम्मीदवारों और पत्रकारों के साथ की गई मार पिटाई और गिरफ़्तारी की भर्त्सना की है.

लेकिन रूस ने इस चुनाव को बेलारूस का आंतरिक मामला बताकर हाथ झाड़ लिए.

बेलारूस के गृह मंत्रालय का कहना है कि विपक्ष देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.