लोगों को बचाता हूँ: असांज

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा है कि अगर उन्हें ब्रिटेन से स्वीडन प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.

असांज ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि विकीलीक्स ने अमरीकी कूटनयिक संदेश जारी करके ख़तरनाक काम किया है.असांज ने दावा किया कि विकीलीक्स राजनीतिक सुधार में मदद करना चाहता है.

जूलियन असांज पर आरोप है कि उन्होंने स्वीडन में कथित तौर पर दो युवतियों की यौन प्रताड़ना की.

स्वीडन चाहता है कि उनके ख़िलाफ़ प्रत्यर्पण वारंट जारी किया जाए.असांज को ब्रिटेन में गिरफ़्तार किया गया था जिसके कुछ दिन बाद उन्हें लंदन में ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था.

बीबीसी से इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि वे क्यों स्वीडन नहीं जाना चाहते. इस पर असांज का कहना था कि स्वीडन में जिस तरह की पाबंदियाँ उन पर लगाई जाएँगी, उस वजह से उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा.

बातचीत में असांज ने कहा कि अगर उन्हें स्वीडन भेज दिया जाता है तो उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया जाएगा और उनके वकील पर भी बात करने पर पाबंदी लगा दी जाएगी.

उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि यौन उत्पीड़न के आरोप तब सामने आए जब दोनों महिलाएँ पुलिस के पास सलाह लेने गईं थीं न कि शिकायत करने.

साथ ही उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि विकीलीक्स पर जारी ज़्यादातर दस्तावेज़ ग़ैर-ज़रूरी हैं.अपने बारे में उनका कहना था कि वे ख़ुद को सक्षम व्यक्ति मानते हैं जो लोगों को हालात का शिकार होने से बचाते हैं न कि लोगों को अपना शिकार बनाते हैं.

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