'पोलर बेयर नहीं हुए विलु्प्त'

  • 23 दिसंबर 2010
पोलर बेयर
Image caption अमरीका में पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सरकार ने पोलर बेयर को विलुप्त होने वाली ख़तरे की श्रेणी में रखा था

अमरीका में पर्यावरणवादी ध्रुवीय क्षेत्र में रहने वाले सफ़ेद भालुओं को 'ख़तरे' की श्रेणी में शामिल करवाने में नाकाम रहे हैं. इन भालुओं को 'पोलर बेयर' कहा जाता है

अमरीका के गृह मंत्रालय ने कहा है कि पोलर बेयर को फ़िलहाल मौजूदा 'संकटग्रस्त' श्रेणी में ही रखा जाएगा.

सरकार ने इस तर्क को ख़ारिज कर दिया कि पोलर बेयर विलुप्त होने की कगार पर है.

अमरीकी क़ानून के मुताबिक 'संकटग्रस्त' श्रेणी में रखे जाने वाले जानवरों को 'ख़तरे' की श्रेणी में रखे जाने वाले जानवरों से कम सुरक्षा मिलती है.

पर्यावरणवादियों का कहना है वह इस फ़ैसले को चुनौती देंगे.

'विज्ञान के ख़िलाफ़ फैसला'

विलुप्त प्रजाति क़ानून के तहत किसी भी जानवर को इस क़ानून की श्रेणी में शामिल करने का मतलब ये होगा की सरकार को आर्कटिक क्षेत्र में रहने वाले भालुओं पर ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन से हो रहे प्रभाव को देखना होगा.

पोलर बेयर के लिए अभियान चला रही संस्थाओं का कहना है कि जब सरकार उत्तरी अलास्का में तेल की रिफाइनरी लगाने की अनुमति दे रही है तो उसे ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन से पड़ने वाले प्रभाव को भी अपने फैसले में शामिल करना होगा.

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रशासन ने पोलर बेयर को विलुप्त होने के ख़तरे की सूची में शामिल किया था.

अधिकारियों ने एक विशेष नियम के तहत कहा की विलुप्त प्रजाति क़ानून का इस्तेमाल ग्रीन हॉउस गैसों को नियंत्रित करने के लिए नहीं किया जा सकता.

इसलिए जिस किसी भी उद्योग से ग्रीस हॉउस गैस निकलती है उस पर लगाम लगाने के लिए पोलर बेयर को इस सूची में डालना एक शक्तिशाली तरीका होगा.

'सेंटर फ़ॉर बॉयोलॉजिकल डाइवर्सिटी इन पोलर बेयर' को विलुप्त होने वाली प्रजाति की श्रेणी में डालने की कोशिश कर रही है. उसका कहना है कि बराक ओबामा की सरकार भी पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के विज्ञान के ख़िलाफ़ लिए गए फैसलों का समर्थन करती नज़र आ रही है.

इसका कहना है पिछले 40 सालों में पोलर बेयर 80 प्रतिशत विलुप्त हो जाएंगे.

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