संघर्ष का अंत हो: पोप बेनेडिक्ट

पोप बेनेडिक्ट ने अपने क्रिसमस संदेश में उम्मीद जताई है कि दुनिया भर में चल रहे विवादों और संघर्षों का अंत होगा.

सेंट पीटर्स के बासिलिका से दिए संदेश में उन्होंने इसराइलियों और फ़लस्तीनियों से शांतिपूर्ण तरीके से एक साथ रहने का आग्रह किया.

पोप ने सोमालिया, दारफ़ुर और आइवरी कोस्ट में अमन की कामना की. प्राकृतिक विपदाओं से प्रभावित हेती, कोलंबिया, कोस्टा रिका और वेनेज़ुएला के लोगों के लिए उन्होंने प्रार्थना भी की.

अपने संदेश में पोप ने चीन के ईसाई समुदाय से कहा कि मुश्किलों के बावजूद वे उम्मीद न खोएँ और हौसला बनाए रखें.

सेंट पीटर्स के बाहर पोप का संदेश सुनने के लिए चौराहे पर करीब एक लाख लोग इकट्ठा हुए थे. वहाँ बारिश भी हो रही थी.

अमन की अपील

पोप बेनेडिक्ट ने कहा, “मैं कामना करता हूँ कि जिस धरती पर ईसा मसीह का जन्म हुआ था वहाँ फिर से उजाला हो ताकि इसराइलियों और फ़लस्तीनियों को प्रेरणा मिले की वे शांति से रहें.”

उनका कहना था कि इराक़ में ईसाइयों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अनुरोध किया कि वे मध्य पूर्व में ईसाई समुदाय के साथ एकता दिखाएँ.

पोप ने ये भी आग्रह किया कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए.

परंपरा के मुताबिक पोप ने बाद में 65 भाषाओं में क्रिसमस का संदेश दिया. संदेश के बाद पोप ने 350 बेघर लोगों के लिए दिन का भोज रखा.

इससे पहले रात को क्रिसमस मास के मौके पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे. मास के दौरान पोप के साथ सादे वर्दी पहने सुरक्षाकर्मी थे.

उधर ब्रिटेन की महारानी ने अपने क्रिसमस संदेश में आधुनिक समाज में खेलों की अहमियत पर ज़ोर दिया है. पूर्व में दिए अपने क्रिसमस संदेशों से उलट इस बार उनके संदेश में अफ़ग़ानिस्तान में तैनात सैनिकों का सीधा ज़िक्र नहीं था हालांकि उन्होंने ये ज़रूर कहा कि सैन्य अभियानों में घायल हुए सैनिकों के पुनर्वास में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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