सार्वजनिक हुए दस्तावेज़ों में नई जानकारियां

  • 30 दिसंबर 2010
दस्तावेज़ (फाइल फोटो)
Image caption ब्रिटेन में कई गुप्त दस्तावेज़ अब सार्वजनिक हो रहे हैं.

ब्रिटेन में जारी गुप्त सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार ब्रिटेन के कूटनीतिज्ञों को इस बात को यकीन था कि अरब देशों के साथ युद्ध की स्थिति में इसराइल परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा.

पूर्व में गुप्त रखे गए कई दस्तावेज़ अब नए क़ानून के तहत जारी हो रहे हैं और इन्हीं दस्तावेज़ों में ये जानकारी आई है.

1979 में मिस्र और इसराइल के बीच एक शांति समझौता हुआ था लेकिन इसके बावजूद ब्रिटिश कूटनीतिज्ञों का मानना था कि दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं और यह कभी भी नए संघर्ष का रुप ले सकता है.

इसी संदर्भ में 1980 के मई महीने में इसराइल की राजधानी तेल अवीव में ब्रिटेन के दूतावास ने लंदन को एक केबल संदेश भेजा था.

इस संदेश में चेतावनी दी गई थी कि अगर इसराइल पर किसी तरह का हमला हुआ तो देश ‘ मरते दम तक लड़ने को’ तैयार है और वो संभवत परमाणु हथियारों का भी प्रयोग करेंगे.

यह नई जानकारी एक बार फिर मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की मौजूदगी पर नया विवाद खड़ा कर सकती है. अभी तक इसराइल ने इस बात की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है कि उनके पास परमाणु हथियार हैं.

इन नए दस्तावेज़ों में किस तरह ब्रितानी प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर पश्चिमी तट पर शरणार्थियों की कॉलोनी बनाने की इसराइली प्रधानमंत्री मेनाचेम बेगिन की योजना को ‘मूर्खतापूर्ण’ और ‘यथार्थ से परे’ मानती थीं.

थैचर ने फ्रांस के राष्ट्रपति से एक बातचीत में कहा था कि इसराइली प्रधानमंत्री बेगिन के साथ काम करना अत्यंत कठिन है. बेगिन इन दावों में यकीन रखते थे कि पश्चिमी तट प्राचीन काल से यहूदियों का इलाक़ा रहा है.

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