भूतपूर्व राष्ट्रपति बलात्कार के दोषी

Image caption दोषी ठहराए जाने के बाद अदालत से निकलते इसराइल के भूतपूर्व राष्ट्रपति मोशे कत्सव

इसराइल के भूतपूर्व राष्ट्रपति मोशे कत्सव को तेलअवीव की एक अदालत ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है.

उनपर 1990 के दशक में अपनी एक सहयोगी के साथ दो बार बलात्कार करने के आरोप थे. उस समय वो इसराइली सरकार में पर्यटन मंत्री हुआ करते थे.

बाद में जब वो राष्ट्रपति बने तो उन्हे दो अन्य महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने का दोषी पाया गया.

इसराइली प्रसार माध्यमों में इस फ़ैसले को लोकतांत्रिक दुनिया का अभूतपूर्व फ़ैसला बताया जा रहा है.

झूठी गवाही

फ़ैसला सुनाते हुए तीन न्यायाधीशों के खंडपीठ ने कहा कि श्री कत्साव की गवाही झूठ से भरी हुई थी.

अभियोक्ता रॉनित एमियल ने इसे इसराइल के लिए एक दुखद दिन बताया.

उन्होने कहा, "हमें लगता है कि अदालत के फ़ैसले से, सत्ता के दुरुपयोग का शिकार हुए लोगों को ये संदेश मिला है, कि ख़ामोश न रहें".

"आज अदालत ने उस व्यक्ति को दोषी क़रार दिया जो इसराइल का राष्ट्रपति था और इसराइल की सरकार में मंत्री रह चुका था और वो भी ऐसे अपराधों के लिए जो क़ानून की नज़र में सबसे गंभीर माने जाते हैं".

उल्लेखनीय है कि अगर मोशे कत्सव दोष स्वीकार कर लेते तो जेल की सज़ा से बच जाते या कम सज़ा पाते लेकिन दो साल पहले वो ये कहकर इससे पीछे हट गए कि वो अपनी बेगुनाही साबित करके रहेंगे.

उनके बेटे बोआज़ कत्सव ने पत्रकारों से कहा कि उनका परिवार श्री कत्सव की बेगुनाही साबित करने की मुहिम जारी रखेगा.

बोआज़ कत्सव ने कहा, "हम सिर ऊंचा करके चलते रहेंगे जिससे समूचा देश और उसकी सभी पीढ़ियां जान सकें कि हमारे पिता और इसराइल के आठवें राष्ट्रपति निर्दोष हैं".

कुशल प्रशासक

मोशे कत्सव का जन्म 1945 में ईरान में हुआ था और छ साल की उम्र में वो अपने माता पिता के साथ इसराइल चले आए थे.

वो 24 साल की अल्पायु में अपने नगर के मेयर चुने गए और आठ साल बाद लिकुद पार्टी के टिकट पर सांसद बने.

उसके बाद उन्होने सरकार में कई महत्वपूर्ण पद संभाले. उन्हे एक कुशल प्रशासक समझा जाता था.

वो 2000 से लेकर 2007 तक राष्ट्रपति रहे. इसी दौरान उनपर अभियोग लगाए गए और उन्होने पद से त्यागपत्र दे दिया.

अदालत कुछ दिनों बाद सज़ा सुनाएगी हालांकि कत्साव इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं.

इसराइल में बलात्कार की कम से कम सज़ा चार साल की है.

कुछ लोगों का कहना है कि कत्सव का मुक़दमा इस बात का संकेत है कि इसराइली राजनीति के केंद्र में कितनी सड़न है.

इसराइल के भूतपूर्व प्रधानमंत्री इहुद ऑल्मार्ट भी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं.

लेकिन अन्य लोगों का कहना है कि एक भूतपूर्व राष्ट्रपति का दोषी ठहराया जाना इस बात का संकेत है कि कोई व्यक्ति क़ानून से ऊपर नहीं है और ये एक स्वस्थ लोकतंत्र का उदाहरण है.

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