मिस्र धमाके की कड़ी आलोचना

मिस्र
Image caption धमाके में 21 लोगों की मौत हो गई

मिस्र में एक चर्च के बाहर हुए धमाके की कड़ी निंदा हो रही है. इस धमाके में 21 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे.

राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने कहा है कि ये 'दुष्ट आतंकवादियों' का काम है, जो पूरे देश को अस्थिर बनाना चाहते हैं.

एक टेलीविज़न संदेश में उन्होंने देश के मुसलमानों और ईसाइयों से अपील की है कि वे आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट हों.

प्रमुख विपक्षी ग्रुप मुस्लिम ब्रदरहुड ने कहा है कि कोई भी धर्म ऐसे अपराध को माफ़ नहीं कर सकता.

निंदा

गल्फ़ कॉपरेशन काउंसिल ने एक बयान जारी करके हमले को आतंकवाद की कायरतापूर्ण कार्रवाई कहा है.

नए साल की पूर्व संध्या पर अलेक्जैंड्रिया के एक चर्च में शाम की प्रार्थना सभा के दौरान ये धमाका हुआ. धमाके के कारण पास की एक मस्जिद को भी बहुत नुक़सान पहुँचा है.

इस घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में ईसाइयों ने प्रदर्शन किया और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि धमाका कार बम के कारण हुआ था.

लेकिन अब अधिकारियों को लग रहा है कि ये हमला आत्मघाती हो सकता है.

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