पहली महिला राष्ट्रपति ने शपथ ली

  • 1 जनवरी 2011
डिलमा रूसेफ़
Image caption डिलमा रूसेफ़ ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति हैं

डिलमा रूसेफ़ ने ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है. उन्होंने लूला डी सिल्वा की जगह ली है, जिन्हें ब्राज़ील के इतिहास का सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति माना जाता है.

पहले किसी भी निर्वाचित पद पर नहीं रहीं 62 वर्षीय डिलमा रूसेफ़ ने वादा किया है कि वे लूला डी सिल्वा के रास्ते का अनुसरण करेंगी.

लूला डी सिल्वा को लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से संवैधानिक तरीक़े से रोका गया था. ब्राज़ील की अर्थव्यस्था में मज़बूती तो आई है लेकिन अब भी वहाँ समाज में काफ़ी असमानता है.

वर्ष 2003 में डिलमा रूसेफ़ को राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की सरकार में ऊर्जा मंत्री नियुक्त किया गया था.

जीत

वर्ष 2005 से 2010 तक उन्होंने चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के रूप में भी काम किया. पिछले अक्तूबर में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी.

डिलमा रूसेफ़ को बैंकिंग, तेल उद्योग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सरकार की अहम भूमिका के पैरोकार के रूप में जाना जाता है. उन्होंने ब्राज़ील की जटिल कर व्यवस्था को ठीक करने का भी वादा किया है.

राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए रूसेफ़ ने संविधान की रक्षा करने, क़ानून का पालन करने, ब्राज़ीलियाई लोगों की बेहतरी के लिए काम करने और ब्राज़ील की एकता और अखंडता के लिए काम करने का वादा किया.

पूर्व मार्क्सवादी विद्रोही रह चुकीं रूसेफ़ तीन साल जेल में भी रही हैं. 1970 के दशक में उन्होंने सैनिक शासन का विरोध किया था.

बीबीसी संवाददाता पावलो कैब्राल का कहना है कि डिलमा रूसेफ़ के सामने बड़ी चुनौतियाँ हैं. उन पर लोक स्वास्थ्य, शिक्षा और देश की आधारभूत स्थिति को बेहतर करने की बड़ी ज़िम्मेदारी है.

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