अमरीका: प्रतिनिधि सभा पर रिपब्लिकन नियंत्रण

अमरीकी कांग्रेस
Image caption कांग्रेस के 112वें अधिवेशन में रिपब्लिकन सांसदों की संख्या अधिक हो गई है.

अमरीका में 112वें कांग्रेस की पहली बैठक हो रही है जिसमें बड़ी संख्या में चुन कर आए रिपब्लिकन पार्टी के सांसद अमरीका की डेमोक्रेट सरकार और उनके खर्चों को कम करने का प्रयास करेंगे.

नए कांग्रेस का गठन मध्यावधि चुनावों के बाद हुआ है जिसमें अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवारों को क़रारी हार का सामना करना पड़ा है.

इतना ही नहीं रिपब्लिकन सांसदों की संख्या इतनी हो गई है कि अमरीका की प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण भी रिपब्लिकन पार्टी के हाथ में चला गया है.

कांग्रेस के स्पीकर का महत्वपूर्ण पद भी रिपब्लिकन सांसद जॉन बोनर को मिला है. इससे पहले ये पद डेमोक्रेट सांसद नैन्सी पेलोसी के पास था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब स्टेज तैयार है दोनों पार्टियों के बीच विचारधारात्मक लड़ाई का.

बोनर ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि रिपब्लिकन सांसदों का उद्देश्य ईमानदारी और जवाबदेही तय करना है.

उनका कहना था, ‘‘हमें जनता ने वोट दिया है कि हम चलताऊ काम को बंद करें और पूरी लगन से काम करें. हम जनता के निर्देशों का पालन करेंगे.’’

पिछले चार वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण रिपब्लिकन सांसदों के पास है और सीनेट में भी डेमोक्रेट सांसदों के पास क्षीण बहुमत है.

बीबीसी के पॉल एडम्स का कहना है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए आगे की राह बहुत कठिन होने वाली है.

रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि वो खर्चों में 100 अरब डॉलर तक की कटौती का लक्ष्य रखते हैं, नौकरियों में कटौती के सरकारी प्रयासों को रोकना चाहते हैं, टैक्स प्रणाली में सुधार करना चाहते हैं और बिना दस्तावेज़ों के अमरीका आ रहे प्रवासियों पर रोक लगाने का उद्देश्य रखते हैं.

इतना ही नहीं रिपब्लिकन नेता चाहते हैं कि विदेशी सहायता और कूटनीतिक कोषों को कम किया जाए. अगले हफ्ते ही रिपब्लिकन पार्टी राष्ट्रपति ओबामा के सबसे महत्वाकांक्षी सुधार फैसले यानी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संबंधी विधेयक की धज्जियां उड़ाने की कोशिश में होंगे.

इतना ही नहीं देश के बजट घाटे को पूरा करने के सरकारी उपायों पर भी ज़बर्दस्त बहस की संभावना है.

नवंबर महीने में हुए चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ने ज़बर्दस्त जीत दर्ज की है जिसमें लोग राष्ट्रपति ओबामा के मंदी से लड़ने के उपायों से बहुत प्रसन्न नहीं दिखे हैं.

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