हाथ मिलाया तो ख़ैर नहीं

हाथ मिलाना
Image caption हाथ मिलाना अपनेपन का प्रतीक समझा जाता है

वैसे तो हाथ मिलाना गर्म जोशी और अपनेपन का प्रतीक समझा जाता है लेकिन अफ़्रीकी देश सोमालिया में इस्लामी संगठन अल-शबाब ने महिला और पुरूष के हाथ मिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

ये प्रतिबंध चरमपंथी गुट अल-शबाब ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र जौहर में लगाया है.

सोमालिया के दक्षिणी शहर जौहर में अगर एक महिला और पुरूष के बीच कोई रिश्ता नहीं है तो वह एक दूसरे से सार्वजनिक स्थान पर बात नहीं कर सकते है और न ही एक साथ चल-फिर सकते है.

ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह के सामाजिक प्रतिबंध लगाए गए हों.

सज़ा

अल-शबाब के नेताओं का कहना है कि अगर किसी ने इन नए नियमों का उल्लंघन किया तो उन्हें शरिया क़ानून के तहत सज़ा दी जाएगी.

मोगादिशू में मौजूद बीबीसी संवावदाता मोहम्मद मोअल्लिमु का कहना है कि सज़ा के तौर पर इन नियमों का उल्लंघन करने वालों की सार्वजनिक तौर पर पिटाई की जा सकती है.

सोमालिया में इस चरमपंथी गुट ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में पहले से ही संगीत सुनने पर प्रतिबंध लगा रखा है.

इस गुट के नियंत्रण में केंद्रीय और दक्षिणी सोमालिया का एक बड़ा भाग आता है.

सोमालिया में 1991 से ही कोई स्थिर सरकार नहीं है.

यहां पर संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार का मोगादिशू के कुछ भाग और अन्य कुछ इलाक़ो पर ही नियंत्रण है.

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