दक्षिणी सूडान में जनमत संग्रह शुरु

दक्षिणी सूडान
Image caption दक्षिणी सूडान की आज़ादी के लिए हो रहे जनमत संग्रह में लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया.

दक्षिणी सूडान की आज़ादी के लिए हो रहे जनमत संग्रह में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं. इसके ज़रिए दक्षिणी सूडान दुनिया का नवीनतम देश बन जाएगा.

एक सप्ताह तक चलने वाले इस जनमत संग्रह के पहले दिन मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा.

जनमत संग्रह कराने वाले आयोग (चान रीक) के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा है हालांकि बाग़ियों और सूडानी सेना के बीच युनिटी राज्य में झड़प भी हुई है.

युनिटी राज्य उत्तरी और दक्षिणी सूडान की सीमा पर स्थित है और मुख्य तेल उत्पादक राज्य है.

उत्तरी सूडान में रहने वाले दक्षिणी सूडानी भी इस जनमत संग्रह में भाग ले रहे हैं लेकिन उनमें उत्साह कम नज़र आ रहा है.

जनमत संग्रह के लिए कीनिया, आस्ट्रेलिया और ब्रिटेन समेत आठ मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

बीबीसी अफ़्रीका के संपादक ने सेंट्रल लंदन के मतदान केंद्र से कहा, "ये गीत और दुआओं का लम्हा है जहां ख़ुशी और आंसू हैं. ये वो सफ़र है जिसमें 20 लाख लोगों की जान जा चुकी है लेकिन आख़िरकार वह लम्हा आ गया है".

उन्होंने कहा कि दक्षिणी सूडान के 60 हज़ार से ज़्यादा विस्थापित लोग इस मत्दान में हिस्सा ले रहे हैं और उनके सामने दो महिलाएं एक इटली और दूसरी स्विटज़रलैंड से वोट डालने आई हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अगर मतदान में सब कुछ ठीक तरह से हुआ तो सूडान और अमरीका का रिश्ता फिर से रास्ते पर आ सकता है.

गृह युद्ध का अंत

Image caption एक दक्षिणी सूडानी महिला कादुगली में वोट डालते हुए.

इस जनमत संग्रह के ज़रिए उत्तर और दक्षिणी सूडान अलग अलग हो जाएंगे और एक लंबे गृह युद्ध का अंत होगा जिसके बाद दोनों क्षेत्रों की अलग अलग देशों के रुप में पहचान बन सकेगी.

उत्तरी सूडान में मुसलिम अधिक संख्या में हैं और वहां के नेता अभी भी दक्षिणी सूडान में हो रहे जनमत संग्रह को पचा नहीं पा रहे हैं लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकना पड़ा है.

दबाव के आगे उन्होंने जनमत संग्रह को माना है जिसमें लोगों के पास अलग राष्ट्र बनाने के लिए मत देने का विकल्प है.

हालांकि जनमत संग्रह के बाद भी दोनों क्षेत्रों के बीच कई और महत्वपूर्ण मुद्दों का निपटारा होना बाक़ी है. सीमा, ऋण और तेल संसाधन जैसे मुद्दे काफ़ी जटिल हैं और दुनिया के सबसे नए देश का निर्माण बहुत आसान नहीं होगा.

उत्तरी सूडान में माहौल ग़मगीन दिखता है. यहां न तो लोग सड़कों पर हैं और न ही कोई गीत गाता दिखता है. इस इलाक़े में लोग मंहगाई को लेकर चिंतित दिखते हैं और लोग डरे हुए हैं क्योंकि सूडान के अधिकतर तेल संसाधन दक्षिणी सूडान में हैं.

जनमत संग्रह से पहले क्षेत्र के नेता सलवा कीर ने कहा है कि उत्तरी और दक्षिणी सूडान के पास शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के अलावा और कोई चारा नहीं है.

कीर ने कहा कि जनमत संग्रह अंत नहीं है बल्कि एक यात्रा की शुरुआत है.

दक्षिणी सूडान में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यहां माहौल में खुशी है और लोग राजधानी जुबा में सड़कों पर आ गए हैं और खुशी के गीत गा रहे हैं.

अगले एक हफ्ते तक होने वाले जनमत संग्रह में दक्षिणी सूडान के लोग अपनी आज़ादी के लिए मतदान करने वाले हैं.

इस जनमत संग्रह के परिणाम महीने के अंत तक और पूरे परिणाम फरवरी महीने में आ जाएंगे.

संबंधित समाचार