भारतीय कूटनयिक पर बढ़ता दबाव

Image caption लंदन स्थित भारतीय दूतावास जहाँ अनिल वर्मा तैनात हैं

लंदन में भारत के उच्चायोग में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है.

भारतीय उच्चायोग में व्यापार एवं वाणिज्य मामलों के प्रभारी अनिल वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी की पिटाई की थी.

लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि "भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी से उनके घरेलू मामले में 11 दिसंबर की रात को पूछताछ की गई थी लेकिन कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई".

बताया जाता है कि उत्तरी लंदन स्थित अनिल वर्मा के आवास पर एक महिला के चीख़ने की आवाज़ सुनने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी, जब पुलिस उन्हें कूटनयिक होने की वजह से गिरफ़्तार नहीं कर सकी तो मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मामले की सूचना ब्रितानी विदेश विभाग को दे दी.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि इस मामले में भारतीय उच्चायोग से अनुरोध किया जा रहा है कि अनिल वर्मा की डिप्लोमैटिक इम्युनिटी (कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा का कूटनयिक विशेषाधिकार) वापस ले ली जाए.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "हम बर्दाश्त नहीं करते कि ब्रिटेन में काम करने वाले कूटनयिक देश का क़ानून तोड़ें. हम चाहते हैं कि वे हमारे क़ानूनों का उसी तरह सम्मान करें जिस तरह हमारे कूटनयिक दूसरे देशों के क़ानूनों का सम्मान करते हैं."

डिप्लोमैटिक इम्युनिटी वापस लेने के अनुरोध के बारे में ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि "जब भी पुलिस हमें ऐसा करने की सलाह देती है तब हम संबद्ध दूतावास या उच्चायोग से अनुरोध करते हैं."

ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस मामले में और शर्मिंदगी से बचने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय अनिल वर्मा को भारत वापस बुला सकता है.

लंदन के एक अख़बार डेली मेल में रविवार को इस ख़बर के प्रकाशित होने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया जिसमें इतना ही कहा गया है कि " भारत का विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग इस घटना से वाकिफ़ है, यह एक संवेदनशील और कुछ लोगों का निजी मामला है और इस समय इस बारे में इसे अधिक कुछ कहना उचित नहीं होगा".

अनिल वर्मा की डिप्लोमैटिक इम्युनिटी निरस्त करने के अनुरोध के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय या लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.

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