असांज मामले की दोबारा सुनवाई

Image caption असांज को ज़मानत पर रिहा किया गया है

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के मामले की लंदन में मंगलवार को दोबारा सुनवाई है.

स्वीडन में कथित तौर पर दो महिलाओं की यौन प्रताड़ना के मामले में स्वीडन उन्हें ब्रिटेन से प्रत्यर्पित करवाना चाहता है.

असांज को पिछले साल लंदन में गिरफ़्तार कर लिया गया था. फ़िलहाल वे शर्तों के तहत ज़मानत पर बाहर हैं.

शर्तों के तहत वे तय समय से पहले सुबह घर से बाहर नहीं निकल सकते लेकिन सुबह 10 बजे की सुनवाई में समय से पहुंचने के लिए कोर्ट ने उन्हें जल्दी निकलने की अनुमति दी है.

कोर्ट को मंगलवार को ये तय करना है कि असांज को स्वीडन प्रत्यर्पित करने के सिलसिले में सुनवाई किस तारीख को होगी.

इस बारे में दोनों पक्ष अपना तर्क देंगे जहाँ नए सबूत सामने आ सकते हैं.

आरोप

स्वीडन ये कहता आया है कि असांज का ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कर दिया जाना चाहिए ताकि उनसे कथित यौन प्रताड़ना के मामले में पूछताछ की जा सके.

वहीं जूलियन असांज का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद विकीलीक्स पर जारी हो रहे दस्तावेज़ों से ध्यान हटाना है.

किसी भी देश को अधिकार है कि वो तकनीकी आधार पर प्रत्यर्पण रोक सकता है.कोई देश प्रत्यर्पण पर तब भी रोक लगा सकता है अगर उसे लगता है कि किसी राजनीतिक विचारधारा के तहत व्यक्ति के ख़िलाफ़ वारंट जारी किए गए हैं.

असांज के मामले में मीडिया की रुचि को देखते हुए सुनवाई बड़े कोर्ट में होगी.

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