पाक आतंकवाद की धुरी: मलन

  • 13 जनवरी 2011
माइक मलन
Image caption माइक मलन का कहना कि अफ़ग़ानिस्तान में 2011 में हिंसा और बढ़ेगी

अमरीकी सेना प्रमुख एडमिरल माइक मलन ने कहा है कि ‘पाकिस्तान दुनियाभर में फैले आतंकवाद की धुरी’ है.

उनका ये भी कहना है कि उन्हें विश्वास है कि पाकिस्तान की सेना को पता है कि इस ख़तरे से कैसे निपटना है.

उन्होंने कहा, ''ये बहुत ज़रुरी है कि पाकिस्तान में जो आतंकवादियों के सुरक्षित स्थान है उन्हें बंद किया जाए. हम अफ़ग़ानिस्तान में भी उसके बिना सफलता नहीं पा सकते हैं.''

'ख़तरनाक साल'

साथ ही अमरीकी सेना के इस सबसे वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि इस साल में अफ़ग़ानिस्तान में और ज़्यादा खून ख़राबा होगा.

एडमिरल माइक मलन का दावा था कि कंधार और हेलमंद से तालेबान का सफ़ाया हो गया है, पर जो सफलता अंतरराष्ट्रीय सेनाओं ने हासिल की है वो बहुत ‘नाज़ुक और कमज़ोर’ है.

नाटो के अफ़ग़ानिस्तान में तैनात सैनिकों में सबसे ज़्यादा संख्या अमरीकी सैनिकों की है. तालेबान शासन के 2001 में सफ़ाए के बाद से अफ़ग़ानिस्तान में 2010 सबसे ख़तरनाक साल रहा है.

'स्थिति बिगड़ेगी'

वॉशिंगटन में पत्रकारों से बुधवार को माइक मलन ने कहा, ''हालांकि हमारे लिए ये मानना मुश्किल है, फिर भी हमें आने वाले महीनों में अधिक हिंसा और मौतों के लिए तैयार रहना पड़ेगा.''

उन्होंने कहा,''अफ़ग़ानिस्तान में 2011 में हिंसा 2010 के मुक़ाबलें और अधिक होगी,''

मलन का मानना है कि स्थिति सुधरने के पहले बिगड़ेंगी. उनका कहना था कि ''अभी अपनी उपलब्धियों पर खुश हो कर आराम करने का समय नहीं बल्कि अपनी सफलताओं को मज़बूत करने का समय है.''

पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान में 700 नाटो सैनिक मारे गए थे.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीकी सेनाएं जुलाई 2011 में वापसी शुरु कर देंगी.

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