महंगाई के लिए अकेले ज़िम्मेदार नहीं:पवार

  • 15 जनवरी 2011
शरद पवार
Image caption राहुल गांधी ने गठबंधन सरकार को महंगाई के लिए दोषी ठहराया तो पवार की पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की

कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि महंगाई से निपटने के लिए नीतियां सरकार के उच्चतम स्तर पर बनाई जाती हैं जिसमें प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री शामिल होते हैं.

यानी महंगाई के लिए कृषि मंत्रालय को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिशों को एक बार फिर उन्होंने नकारने की कोशिश की.

उनका कहना था, “मुद्रास्फ़ीति से निपटने की ये नीतियां मंत्रिमंडल के साझा निर्णय से बनती हैं जिसमें प्रधानमंत्री, प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार शामिल हैं. हम हर राज्य से सूचना इकट्ठा करते हैं जिनके आधार पर नीति निर्माण होता है.’’

पुणे के पास वो पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे.

कौन ज़िम्मेदार

जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस पार्टी उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पर महंगाई को लेकर निशाना साध रही है तो उन्होंने केवल इतना कहा, “महंगाई के लिए सिर्फ़ कृषि मंत्रालय को ज़िम्मेदार ठहराना ठीक नहीं.”

उन्होंने कहा, “कृषि मंत्रालय का काम ये देखना है कि देश में गेहूं, धान, चीनी और तिलहनों के उत्पादन ठीक से हो रहा है या नहीं. अब हमारे पास अगले दो से तीन सालों का भंडार है. भारत में गेहूं, चावल, चीनी दूसरे देशों के मुक़ाबले सस्ती है.’’

पवार ने ये भी कहा कि प्याज़ के निर्यात पर प्रतिबंध का फ़ैसला स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा. उनका कहना था कि इस पर पुनर्विचार जब ज़रुरत होगी तब किया जाएगा.

उनका कहना था कि जहां तक दूध की क़ीमतों का सवाल है उसकी क़ीमते मांग और ज़रुरत के बीच के अंतर के कारण बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि सरकार दूध उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के लिए कुछ सहायता पर विचार कर रही है.

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