पेट्रोल ढाई रुपए और महंगा

पेट्रोल पंप
Image caption सरकारी नियंत्रण ख़त्म होने के बाद से क़ीमत लगातार बढ़ रही है

भारत में सरकारी तेल कंपनियां शनिवार रात से तेल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर रही हैं.

विश्व बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती क़ीमतों के मद्देनज़र, दिसंबर के बाद से होने वाली ये दूसरी वृद्धि है.

तेल की क़ीमतें शनिवार मध्यरात्रि से ढाई रूपए से लेकर 2.54 रुपए प्रति लीटर बढ़ गई हैं.

पेट्रोल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब महंगाई के आंकड़े आसमान छू रहे हैं और इस पर सरकार ने भी चिंता ज़ाहिर की है.

हाल ही में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार औद्योगिक उत्पादन के दर में भी भारी कमी आई है.

बढ़ोत्तरी

देश का सबसे बड़ा खुदरा तेल विक्रेता इंडियन ऑयल दो रुपए 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ाएगी, तो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन दो रूपए 54 पैसे की वृद्धि करेगी.

वहीं भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन दो रूपए 53 पैसे प्रति लीटर पेट्रोल की क़ीमत बढ़ाएगा.

अब दिल्ली मे इंडियन ऑयल का पेट्रोल 55 रूपए 87 पैसे से बढ़कर 58 रूपए 37 पैसे प्रति लीटर हो जाएगा.

एचपीसीएल और बीपीसीएल के पंपों से ये 58 रूपए प्रति लीटर पर बिकेगा.

अभी तक डीज़ल या रसोई गैस की क़ीमत बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई है.

उल्लेखनीय है कि जून 2010 में सरकार ने पेट्रोल की क़ीमतों पर से सरकारी नियंत्रण को ख़त्म कर दिया था और इसे तेल कंपनियों पर छोड़ दिया था कि वे कच्चे तेल की क़ीमतों के आधार पर पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमतें तय करें.

जून 2010 के बाद से पेट्रोल के दामों में यह पाँचवी बढ़ोत्तरी है. इससे पहले दिसम्बर के मध्य में लगभग तीन रूपए लीटर बढ़ोतरी की गई थी.

इससे पहले नवंबर में पेट्रोल के दामों में 32 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी.

महंगाई की मार झेल रही जनता को अब वाहन चलाने पर और जेब ढीली करनी पड़ेगी.

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