देश छोड़ कर भागे राष्ट्रपति

देश में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति इस्तीफ़ा देकर अपने परिवार के साथ देश छोड़ कर सऊदी अरब भाग गए हैं.

तेईस साल तक सत्ता में बने रहे राष्ट्रपति ज़ैनअल आब्दिन बेन अली को इस्तीफ़ा देना पड़ा जब देश में फैले भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और मंहगाई के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शन उनके ख़िलाफ़ रैलियों में बदल गए.

प्रधानमंत्री मोहम्मद गनूच़ी ने अंतरिम राष्ट्रपति का पद संभाल लिया है और देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है.

गनूच़ी शनिवार को राजनेताओं से मिलकर सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

पिछले दिनों से चल रहे प्रदर्शनों में दर्जनों लोग मारे गए हैं.

Image caption ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति पिछले 23 सालों से पद पर जमे हुए थे.

इस्तीफ़ा देने के बाद राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ एक विमान पर सवार हो गए और अटकलबाज़ियों का बाज़ार गर्म था कि वो कहां गए.

फ़्रांस की मीडिया के अनुसार वहां के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी ने उनके विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी.

सऊदी राजमहल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार बेल अली शनिवार को सऊदी अरब पहुंच गए.

प्रतिक्रिया

जिस तरह के कारणों से बेन अली को देश छोड़कर भागना पड़ा है, पूरे क्षेत्र के देशों में इस तरह की समस्याएँ हैं.

बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, मंहगाई और दशकों से चली आ रही तानाशाही से नौजवान निराश, हताश नज़र आते हैं.

माना जा रहा है कि यही वजह है कि ज़्यादातक अरब देशों की सरकारें इस मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने में घबरा रही हैं.

काहिरा में प्रदर्शनकारियों के एक छोटे से गुट ने मिस्र के राष्ट्रपति होशनी मुबारक के ख़िलाफ़ भी नारे लगाए.

लेकिन सबसे ज़्यादा प्रतिक्रिया फ़ेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर दिखी है.

उनपर ट्यूनीशिया के झंडों और बधाई संदेशों की भरमार है.

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