ट्यूनीशियाः अशांति जारी, जेल में आग

  • 15 जनवरी 2011
सुरक्षाकर्मी
Image caption राजधानी ट्यूनिस के मुख्य इलाक़े में सैनिक गश्त लगा रहे हैं

ट्यूनीशिया में राष्ट्रपति के सत्ता से हटने और देश छोड़कर चले जाने के बाद भी कई हिस्सों में हिंसा और तोड़-फोड़ हो रही है.

मोनस्तिर नामक एक शहर में एक जेल में आग लगने से बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं.

एक स्थानीय डॉक्टर ने बीबीसी को बताया कि वहाँ 40 से अधिक लोग मारे गए हैं.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया,"सारी जेल जल रही थी, बिछावन, फ़र्नीचर, सबकुछ".

कई और जेलों में गड़बड़ियाँ और लोगों के हताहत होने की ख़बरें मिल रही हैं मगर उनकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

कई इमारतों को आग लगा दिया गया है जिनमें राजधानी ट्यूनिस का मुख्य रेल स्टेशन भी शामिल है.

राजधानी ट्यूनिस का मुख्य इलाक़ा सीलबंद कर दिया गया है और वहाँ सेना गश्त लगा रही है.

इस बीच ट्यूनीशिया की संवैधानिक परिषद ने संसद के स्पीकर फ़वाद मेबेज़ा को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है.

साथ ही देश में 60 दिन के भीतर राष्ट्रपति चुनाव कराए जाने की घोषणा की गई है.

अपील

Image caption ट्यूनिस के बाहरी इलाक़े में एक सुपरबाज़ार में आग लगा दी गई

राष्ट्रपति के हटने के बाद सत्ता की कमान अपने हाथ में लेनेवाले प्रधानमंत्री मोहम्मद गनूशी ने कहा है कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता क़ानून-व्यवस्था को बहाल करना है.

उन्होंने आम लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा,"हमने काफ़ी कुछ उपलब्धियाँ हासिल की हैं, लेकिन उनपर संकट बना रहेगा, जबतक कि हम जागरूक नहीं होते, और ये बहुत जल्दी होना ज़रूरी है, हर तबक़ा सहयोग करे, औरत-मर्द, सभी राजनीतिक दल, चाहे संसद में उनके प्रतिनिधि हों या ना हों, सब आगे आएँ."

ट्यूनीशिया की अंतरिम सरकार के नेताओं ने वादा किया है कि वे राजनीतिक दलों के साथ मिलकर देश के राजनीतिक भविष्य के बारे में फ़ौरन कुछ रास्ता निकालेंगे

अपदस्थ राष्ट्रपति

इस बीच ट्यूनीशिया के अपदस्थ राष्ट्रपति ज़ैनुल आबदीन बेन अली और उनके परिवार को अंततः सउदी अरब में शरण मिल सकी है.

ऐसी ख़बरें है कि सारी रात उनके विमान ने यूरोप के कई देशों में उतरने की अनुमति माँगी मगर उन्हें कहीं भी इसकी इज़ाज़त नहीं दी गई.

मध्य पूर्व के देशों में ट्यूनीशिया के घटनाक्रम पर नज़र रखी जा रही है.

मिस्र और दूसरे निरंकुश सत्ता वाले देशों में लोकतंत्र समर्थकों ने ट्यूनीशिया में हुए नाटकीय बदलाव का स्वागत किया है.

मिस्र की राजधानी काहिरा में कुछ कार्यकर्ताओं ने ट्यूनीशियाई दूतावासा के बाहर खड़े होकर मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए हैं.

उधर जॉर्डन में भी छात्रों, वामपंथी समर्थकों और मज़दूर संगठन के लोगों ने महँगाई और बेरोज़गारी बढ़ने के विरोध में प्रदर्शन किए हैं.

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