कांग्रेस ने आक्रामक रुख़ अपनाया

  • 18 जनवरी 2011
राहुल गांधी
Image caption उत्तर प्रदेश के अगले चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति तैयार

मंहगाई और भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव में केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और माया सरकार की विफलताओं पर ज़ोर देने का निर्णय किया है.

पार्टी ने उम्मीदवारों की सूची चुनाव से एक साल पहले यानी मई तक तैयार कर लेने का भी फ़ैसला किया है.

यह रणनीति पार्टी महासचिव राहुल गांधी की उपस्थिति में हुई दल की उच्चस्तरीय समन्वय समिति में तय की गई.

ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव में राहुल गांधी मोर्चे पर स्वयं आगे रहकर लड़ाई लड़ना चाहते हैं, इसीलिए वह प्रदेश की राजनीति में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं.

श्री गांधी ने राज्य के कांग्रेस नेताओं को सलाह दी कि वे जनता के सक्रिय संपर्क में रहें और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करें.

श्री गांधी ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम जैसे मुद्दों पर गाँव की जनता की दिलचस्पी नहीं है, इसलिए कांग्रेस के लोग सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के स्थानीय नेताओं के ख़िलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करें.

अगले चुनाव की तैयारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी ने बताया कि विधान सभा के सभी चुनाव क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन चलाने का निर्णय किया गया.

यह फ़ैसला भी हुआ कि बसपा नेताओं द्वारा की जा रही कथित गुंडागर्दी और ग़ैरक़ानूनी कार्यों पर विधान सभावार चार्जशीट तैयार करके राज्यपाल को दी जायेगी.

एक अन्य निर्णय में यह तय किया गया कि केंद्र सरकार की प्रमुख 16 कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में हो रही गड़बड़ियों की गहराई से समीक्षा की जायेगी.

इसके लिए रीता जोशी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन होगा.

बैठक में आम राय थी कि प्रत्याशियों का चयन जल्दी करना चाहिए और इसमें युवाओं को विशेष महत्त्व देना चाहिए.

महंगाई और भ्रष्टाचार

महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कांग्रेस बचाव कि मुद्रा में खड़ी नज़र आई.

दिग्विजय सिंह ने सफ़ाई दी कि सब्ज़ियों के दाम केंद्र सरकार तय नहीं करती और मूल्य नियंत्रण राज्य सरकारों का काम है.

पेट्रोल के दाम में वृद्धि और 2जी स्पेक्ट्रम घोटालों के लिए उन्होंने पिछली भाजपा गठबंधन सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.

दिग्विजय सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि 'हाल में जो लोग बम धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार हुए हैं वे सब संघ के ही सदस्य क्यों हैं'.

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि संघ और बी जे पी के लोग सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं.

कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को भी सांप्रदायिक ताक़तों को गले लगाने वाली बताया.

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