ईरान पर वार्ता नाकाम हुई

Image caption एशटन और जलीली मुख्य वार्ताकार थे

छह प्रमुख देशों और ईरान के बीच उसके परणामु कार्यक्रम पर तुर्की में चल रही वार्ता बिना किसी प्रगति के समाप्त हो गई है.

यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख कैथरीन एशटन का कहना है कि इस्तांबूल वार्ता इसलिए नाकाम रही क्योंकि ईरान उस पर लगे सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को हटाए जाने की माँग पर अड़ा रहा.

एशटन दो दिनों तक चली बातचीत में अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन और जर्मनी के प्रतिनिधियों के दल की प्रमुख थीं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सईद जलीली कर रहे थे.

कैथरीन एशटन ने कहा कि ईरान ये भी चाहता है कि वार्ता में शामिल छहों देश इस बात को स्वीकार करें कि ईरान को यूरेनियम संवर्धित करने का अधिकार है.

एशटन ने कहा कि वार्ताकारों के लिए ईरान की इन शर्तों को मानना संभव नहीं था लेकिन इस्तांबूल वार्ता की नाकामी के बाद भी भविष्य में दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावनाएँ ख़त्म नहीं हुई हैं.

हालाँकि वार्ताओं के अगले दौर के तिथि और स्थान के बारे में फ़ैसला बाद में किया जाएगा.

वार्ताओं के पहले दिन शुक्रवार को ही लगने लगा था कि इस्तांबूल के उपक्रम से कुछ हासिल नहीं होने वाला है.

दरअसल पश्चिमी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा चाहते थे लेकिन ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि उनका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सहयोग के साझा धरातल की पहचान करना है.

ईरान ने बातचीत के शुक्रवार के सत्र को सकारात्मक कहा था, हालाँकि पश्चिमी राजनयिक ईरान के व्यवहार से नाख़ुश थे.

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