मिस्र: सरकार विरोधी प्रदर्शनों में तीन की मौत

काहिरा में प्रदर्शन

मिस्र की राजधानी काहिरा में हज़ारों लोगों ने कई जगहों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन किए हैं और नारे लगाए हैं. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई झड़पें हुई हैं.

इन प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं. काहिरा में एक पुलिस अधिकारी मारा गया जबकि सुएज़ शहर में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है.

ग़ौरतलब है कि वर्ष 1981 से मिस्र में सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के शासनकाल में सरकार का विरोध कभी-कभार ही देखने को मिला है.

तस्वीरें: मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शन और झड़पें

महत्वपूर्ण है कि अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है, "हमारी सरकार लोगों के एकत्र होने और अपने विचार व्यक्त करने के मूल अधिकार का समर्थन करती है. सभी पक्षों को संयम से काम लेने चाहिए."

उनका कहना था कि उनका मानना है कि मिस्र में स्थिर सरकार है और वह मिस्र के लोगों की जायज़ ज़रूरतों और हितों की देखभाल करने के तरीके खोज रही है.

बीबीसी संवाददाता जोन लेयन का कहना है कि काहिरा में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं और आयोजकों की उम्मीद से कहीं अधिक लोगों ने इनमें भाग लिया है.

इंटरनेट से चला अभियान

प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट पर एक अभियान चलाया और एक वेब संदेश में मंगलवार को 'विद्रोह के दिन' का आहवान किया था. काहिरा में हज़ारों लोगों ने फ़ेसबुक पर इस पन्ने पर क्लिक कर वादा किया कि वे इस आंदोलन में भाग लेंगे.

ट्विटर पर काहिरा में प्रदर्शनों के बारे में जानकारियाँ दी जाती रहीं लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मिस्र में ट्विटर को ब्लॉक कर दिया गया है.

स्वीडन स्थित एक वेबसाइट बैमबुसेर मोबाइल फ़ोन से वीडियो स्ट्रीम करती है और इस वेबसाइट का कहना था कि इसे भी मिस्र में ब्लॉक कर दिया गया है.

Image caption प्रदर्शनकारियों ने पत्थराव किया जबकि पुलिस ने आँसू गैस छोड़ी

संसद के बाहर पत्थराव, झ़ड़पें

सरकार ने दंगा विरोधी पुलिस को सक्रिय किया और सुरक्षाकर्मियों ने आँसू गैस के गोले फेंके हैं और प्रदर्शनकारियों पर पानी बरसाया है.

कई प्रदर्शनकारियों ने बैनर उठा रखे थे जिनपर लिखा था - 'ट्यूनेशिया ही हल है.' ग़ौरतलब है कि ट्यूनेशिया में कई हफ़्ते चले सरकार विरोधी अंदोलन में इस माह की शुरुआत में राष्ट्रपति ज़ीन अल आबिदिन बिन अली को अपना पद छोड़ना पड़ा था.

कई प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ - 'मुबारक मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे. सरकार के विरोध में एकत्र हुए अनेक लोगों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके हैं.

मिस्र की संसद के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अनेक गुटों के बीच कई झड़पें हुई हैं.

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