ओबामा ने दिया परिवर्तन पर ज़ोर

बराक ओबामा
Image caption बराक ओबामा ने घरेलू ख़र्च में पांच वर्ष तक यथास्थिति बनाए रखने की घोषणा की है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वार्षिक 'स्टेट ऑफ़ द यूनियन'भाषण में कहा है कि तेज़ी से बदलती दुनिया में चीन और भारत विज्ञान और गणित की पढ़ाई पर ज़ोर दे रहे हैं. और इस वजह से दुनिया में नौकरी पाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.

बराक ओबामा ने कहा, "भारत और चीन जैसे देशों को अहसास हो गया है कि वो इस नई दुनिया में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं. और इसलिए उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में गणित और विज्ञान पर ज़ोर दिया है. ये दोनों देश अनुसंधान और नई टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहे हैं. हाल ही में चीन ने दुनिया के सबसे बड़े निजी सौर ऊर्जा शोध केंद्र की स्थापना की है. और दुनिया का सबसे तेज़ कम्पयूटर तैयार किया है."

उन्होंने कहा कि अमरीका की कामयाबी के लिए अनुसंधान और टेक्नोलॉजी में अगुवाई बनाए रखना बहुत अहम है क्योंकि अगर भविष्य की दौड़ में जीतना है तो अमरीका को अपने बच्चों को पढ़ाना होगा.

अमरीका में शिक्षा पर विस्तार से बोलते हुए बराक ओबामा ने मौजूदा दशक के अंत तक दुनिया में सर्वाधिक स्नातक तैयार करने का लक्ष्य रखा.

'दुनिया बदल रही है'

ओबामा ने कहा कि दुनिया के हालात अब बदल गए हैं.

बराक ओबामा ने कहा, "अब नियम बदल गए हैं.टेक्नोलॉजी में आई क्रांति ने एक ही पीढ़ी में काम करने और व्यापार करने के तरीक़े को बदल कर रख दिया है. जहां पहले स्टील फ़ैक्टरी में हज़ार मज़दूरों की ज़रुरत होती थी, वहां अब वही काम 100 लोग कर रहे हैं."

ओबामा ने अमरीका के विदेशी व्यापार को वर्ष 2014 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखते हुए कहा कि अगर अमरीका निर्यात को बढ़ाएगा तो घरेलू बाज़ार में और अधिक नौकरियां उपलब्ध होंगी.

उन्होंन कहा कि हाल ही में उन्होंने चीन और भारत के साथ समझौते किए हैं जिनकी वजह से अमरीका में ढाई लाख नौकरियां उपलब्ध होंगी.

ओबामा ने कहा कि पिछले महीने दक्षिण कोरिया के साथ हुए एक व्यापार समझौते के बाद अमरीका में कम से कम 70 हज़ार लोगों को रोज़गार मिलेगा.

विदेश नीति

अमरीकी विदेश नीति पर बोलते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उन्होंने रुस के साथ रिश्तों को बेहतर किया है. उन्होंने कहा कि अमरीका ने भारत जैसे मुल्क़ो के साथ एक नई पार्टनरशिप का निर्माण किया है.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष मार्च में वे ब्राज़ील,चिली और एल सल्वाडोर का दौरा करेंगे जहां वे अमरीकी महाद्वीप के विकास के लिए नई साझेदारियां बनाएंगे.

ऊर्जा क्षेत्र पर बोलते हुए ओबामा ने वर्ष 2035 तक अमरीका में बिजली के कुल उत्पादन का 80 फ़ीसदी हिस्सा अक्षय ऊर्जा से पैदा करने का महत्वकांक्षी लक्ष्य रखा.

अमरीका में बुनियादी ढांचे पर चिंता व्यक्त करते हुए बराक ओबामा ने कहा कि देश को तेज़ रफ़्तार ट्रेनों और इंटरनेट कनेक्शन की ज़रुरत है. उन्होंने कहा कि रुस और यूरोप के देश सड़क निर्माण पर अमरीका से ज़्यादा निवेश कर रहे हैं. ओबामा ने कहा कि अमरीका को इस क्षेत्र में बढ़िया प्रदर्शन करना होगा.

बराक ओबामा ने चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा को हराने का संकल्प दोहराते हुए कहा, " हमने अरबी प्रायद्वीप से लेकर अफ़गान सीमा तक ये संदेश पहुंचा दिया है; हम रुकेंगे नहीं, भटकेंगे नहीं, हम तुम्हें हराएंगे. "

'घरेलू ख़र्च में पांच साल तक बढ़ोतरी नहीं'

Image caption ओबामा ने अमरीका की रक्षा ख़र्चों में कटौती का भी प्रस्ताव रखा है.

सरकारी ख़र्चों में कटौती की बड़ी घोषणा करते हुए बराक ओबामा ने आने वाले पांच बर्षों में घरेलू ख़र्च में कोई बढ़ोतरी ना करने का प्रस्ताव रखा है.

उन्होंने कहा कि इस क़दम से आने वाले दशक में अमरीकी घाटे में 400 अरब डॉलर से अधिक की कमी आ सकती है.

ओबामा ने कहा कि घरेलू ख़र्चे पर 'फ़्रीज़' लगाने से कई पीड़ादायक कटौतियां करनीं पड़ेंगी.

उन्होंने कहा कि संघीय कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी पर पहले से ही दो वर्षों के लिए रोक लगी हुई है.

बराक ओबामा ने कहा कि अमरीकी सेना के ख़र्चे में भी अरबों डॉलर की कटौती की जाएगी.

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