'मुसलमानों की जन्म दर घटेगी, आबादी बढ़ेगी'

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Image caption मुसलमानों की आबादी दुनिया की आबादी की एक चौथाई हो जाएगी

अमरीका के 'फ़ोरम ऑन रीलिजन एंड पब्लिक लाइफ़ प्रोजेक्ट' के एक अध्ययन के मुताबिक दुनिया भर में मुसलमानों की आबादी अगले दो दशकों में ग़ैर मुसलमान आबादी की तुलना में दोगुनी रफ़्तार से बढ़ेगी और दुनिया की आबादी का एक चौथाई हो जाएगी.

हालांकि एक नए शोध के अनुसार अगले दो दशकों में मुसलमानों में जन्म दर घटेगी.

इसका अर्थ यह हुआ कि जन्म दर में कमी के बावजूद बाक़ी लोगों की तुलना में मुसलमानों की आबादी बढ़ने वाली है.

दो दशकों के बाद पाकिस्तान दुनिया में सबसे अधिक मुसलमानों वाला देश हो जाएगा.

पीईडब्लू फोरम के अध्ययनकर्ताओं ने जन्म दर, मृत्यु दर और विस्थापन दरों के आधार पर एक शोध किया है जिसका नाम रखा गया है, 'द फ़्यूचर ऑफ़ ग्लोबल मुस्लिम पॉपुलेशन' यानी वैश्विक मुसलमान आबादी का भविष्य.

पाकिस्तान नंबर वन

शोध के अनुसार वर्ष 2030 में मुसलमान दुनिया की पूरी आबादी का 26.4 प्रतिशत हो जाएंगे और उनकी संख्या 8.3 अरब के क़रीब होगी.

इस समय इंडोनेशिया में दुनिया के सबसे अधिक मुसलमान रहते हैं लेकिन बीस साल बाद पाकिस्तान में दुनिया के सबसे अधिक मुसलमान होंगे.

इतना ही नहीं दुनिया के हर दस मुसलमानों में से छह मुसलमान एशिया प्रशांत क्षेत्र में होंगे.

भारत अभी भी मुसलमानों की आबादी के मामले में दुनिया का तीसरा देश है. शोध कहता है कि बीस साल बाद भी उसकी स्थिति यही होगी.

इस शोध के अनुसार अफ़्रीका के देशों में भी मुस्लिम आबादी में बड़ा बदलाव होगा.

इस समय अफ़्रीकी देशों में मिस्र में सबसे अधिक मुसलमान है जबकि बीस साल बाद नाइजीरिया मिस्र को पीछे छोड़ देगा.

यूरोप में छह प्रतिशत

Image caption इस शोध के अनुसार सुन्नी और शिया आबादी का अनुपात भी बदलेगा

आंकड़ों के अनुसार यूरोप में अगले बीस वर्षों में मुसलमान आबादी 4.41 करोड़ हो जाएगी जो यूरोप की आबादी का छह प्रतिशत होगा.

फ़ोरम ने यूरोप के कई देशों के लिए अलग-अलग आकड़े जारी किए हैं लेकिन दुनिया के अन्य धर्मों जैसे कि ईसाई, हिंदू, बौद्ध, सिख या यहूदियों की जनसंख्या के कोई आकड़े नहीं दिए हैं.

आंकड़ों के अनुसार अमरीका और फ्रांस के अलावा इसराइल के यरुशलम शहर में मुसलमानों के बढ़ने की संभावना है.

मुसलमानों की जन्म दर में सबसे अधिक कमी आएगी एशिया प्रशांत क्षेत्र और मध्य पूर्व में. जबकि अफ्रीकी देशों में जन्म दर घटने की संभावना कम है.

अमरीका में आबादी बढ़ने के पीछे प्रवासन बड़ी वजह होगी.

शोध के अनुसार मुसलमानों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा युवा लोगों का है और मुसलमानों में भी बड़ी संख्या सुन्नी मुसलमानों की होने वाली है.

इस शोध रिपोर्ट में शिया मुसलमानों की संख्या कम होने के पीछे ईरान में जन्म दर का कम होना बताया गया है.

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