इस्तीफ़ा नहीं दूंगा: होस्नी मुबारक

होस्नी मुबारक

मिस्र में सरकार के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ ने अपनी सरकार को बर्खास्त कर दिया है और नई सरकार के गठन का वादा किया है. लेकिन उन्होंने ख़ुद इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है.

नई सरकार का गठन रविवार को किया जाएगा.

मिस्र में लाखों की संख्या में लोग सुधारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारी बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और लगातार बढ़ते दामों को लेकर राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मुबारक ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों से मिस्र में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और वह किसी भी क़ीमत पर ऐसा नहीं होंगे देंगे.

'कार्रवाई ज़रूरी'

उन्होंने कहा, ''मैं अपनी सरकार को बर्खास्त करता हूं और वादा करता हूं कि मिस्र में सामाजिक, लोकतांत्रिक और आर्थिक सुधार लागू किए जाएंगे. मैं प्रदर्शनकारियों से अपील करता हूं कि वो सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और देश में अस्थिरता के दौर की शुरुआत न करें.''

उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों से मिस्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और मिस्र के सुरक्षित भविष्य के लिए जो भी कार्रवाई ज़रूरी होगी वह की जाएगी.

मुबारक के इस संदेश से प्रदर्शनकारी बेहद निराश हुए हैं.

प्रदर्शनकारियों पर रोक लगाने के लिए राजधानी काहिरा सहित पूरे मिस्र में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. काहिरा की सड़कों पर हर तरफ सेना की गाड़ियां नज़र आ रही हैं.

सेना ने काहिरा के कई प्रमुख केंद्रों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.

अपने 31 साल के शासनकाल के दौरान होस्नी मुबारक के लिए ये अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है.

अमरीकी प्रतिक्रिया

मिस्र में जारी इस घटनाक्रम पर चिंता ज़ाहिर करते हुए अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमरीका लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग कर रही मिस्र की जनता के साथ है.

उन्होंने कहा कि होस्नी मुबारक की सरकार को यह समझना होगा कि सरकार को जनता की मांग के अनुसार जल्द से जल्द मिस्त्र में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सुधार लागू करने होंगे.

उन्होंने कहा, ''हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वो प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के ख़िलाफ़ सुरक्षाबलों की कार्रवाई पर रोक लगाए. अमरीका मिस्र के लोगों के मानवाधिकारों का समर्थन करता है. प्रदर्शनकारियों से भी हमारी अपील है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाएं. ''

उन्होंने कहा कि सरकार हिंसात्मक तरीके से आम लोगों की मांगों पर रोक नहीं लगा सकती.

मिस्र को अमरीका की ओर से बड़ा तादाद में आर्थिक मदद मिलती है और मिस्त्र के लिए अमरीका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है.

माना जा रहा है कि गुरुवार को मिस्र वापस पहुंचे के विपक्षी नेता मोहम्मद अल बारादेई को नज़र बंद कर दिया गया है. अल बारादेई क़ाहिरा पहुंचे थे ताकि वो भी इस विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो सकें.

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