दक्षिणी सूडान: 99 प्रतिशत आज़ादी के पक्ष में

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Image caption सूडान में जनमत संग्रह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया है.

सूडान में हुए एक स्वतंत्र जनमत संग्रह में दक्षिणी सूडान के 99 प्रतिशत लोगों ने उत्तरी सूडान से अलग होने का समर्थन किया है.

जनमत संग्रह के परिणाम अब सामने आ रहे हैं और आयोग के मुताबिक 99.57 प्रतिशत लोगों ने आज़ादी के समर्थन में वोट दिया है.

जैसे जैसे मतगणना हो रही है वैसे वैसे ये साफ हो रहा है कि दक्षिणी सूडान के लोग दुनिया के सबसे नए देश के रुप में उभरने का पूरा समर्थन कर रहे हैं.

उत्तरी और दक्षिणी सूडान के बीच लंबे समय से आ रहे संघर्ष के बाद 2005 में हुए एक समझौते के तहत यह जनमतसंग्रह हो रहा है.

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जनमत संग्रह नौ से 15 जनवरी के बीच हुआ था और इसके पूरे परिणाम फ़रवरी महीने में आ जाएंगे.

इन परिणामों की औपचारिक घोषणा के लिए बड़ी संख्या में कूटनीतिज्ञ और अधिकारी विद्रोही नेता जॉन गरांग की कब्र पर जमा हुए.

दक्षिणी सूडान के विद्रोही नेता जॉन गरांग 2005 में शांति समझौते से कुछ समय पहले एक विमान दुर्घटना में मारे गए थे. उत्तरी सूडान में अरब मुसलिम आबादी की बहुलता है जबकि दक्षिणी हिस्से में काले लोग हैं जो ईसाई हैं. दोनों हिस्सों के बीच नस्ल और धर्म के नाम पर करीब 20 वर्षों तक संघर्ष चला जिसके बाद 2005 में शांति समझौता हुआ.

गरांग की कब्र पर समारोह के दौरान आर्चबिशप डैनियल डेंग ने कहा, ‘‘मैं यही प्रार्थना करता हूं कि दक्षिणी सूडान के लोग 55 साल से जिसका इंतज़ार कर रहे थे वो पूरा हो. एक नया देश बने.’’

आयोग की वेबसाइट के मुताबिक एक हफ्ते तक चले मतदान के दौरान 3,851,994 वोट डाले गए.

दक्षिणी सूडान दुनिया के सबसे अविकसित क्षेत्रों में से एक माना जाता है और वहां के लोग लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि उन्हें उत्तरी सूडान के सरकार के हाथों दुर्व्यवहार का सामना करना पडा है.

दक्षिणी सूडान नया देश बन तो जाएगा लेकिन अभी भी दक्षिणी और उत्तरी सूडान के बीच आर्थिक संसाधनों के बंटवारे को लेकर वार्ताएं बाकी हैं. ये वार्ताएं कठिन होंगी क्योंकि सूडान में तेल का विशाल भंडार है.

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