मुबारक को अव्यवस्था का डर

  • 3 फरवरी 2011
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मिस्र में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अपने पहले इंटरव्यू में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने कहा है कि वे अभी पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें डर है कि देश में अव्यवस्था फैल जाएगी.

अमरीकी टेलीविज़न एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में होस्नी मुबारक ने कहा कि वे अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद हट जाएँगे, लेकिन वे मिस्र छोड़कर नहीं जाएँगे. उन्होंने कहा कि वे मिस्र की मिट्टी में ही मरना चाहेंगे.

उन्होंने कहा कि वे सत्ता से उकता गए हैं. होस्नी मुबारक ने चेतावनी दी कि अगर वे पद छोड़ते हैं तो इस्लामी मुस्लिम ब्रदरहुड राजनीतिक रिक्तता को भरेगा.

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, "मैं हाल की घटनाओं से ख़ुश नहीं हूँ. मैं मिस्रवासियों को एक-दूसरे से लड़ता देखना नहीं चाहता." उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के पीछे मुस्लिम ब्रदरहुड का हाथ है.

इस बीच मिस्र में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के विरोधियों और समर्थकों के बीच जारी झड़पों के बीच सरकार ने नई पेशकश की है.

उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने राष्ट्रीय टेलीविज़न पर दिए अपने संदेश में न तो राष्ट्रपति होस्नी मुबारक और न ही उनके बेटे राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतरेंगे.

अपने संदेश में उन्होंने कहा, "हम संवैधानिक और विधायिका संबंधी सुधार लागू करेंगे और हर मुद्दे के अध्ययन के लिए एक समिति का गठन करेंगे. इसके बाद हम इसकी भी जाँच करेंगे कि ऐसी घटनाएँ क्यों हुई."

इससे पहले नवनियुक्त प्रधानमंत्री अहमद शफ़ीक़ ने देश में हुई घटनाओं के लिए माफ़ी मांगी. राष्ट्रपति समर्थक और विरोधी गुटों की बीच झड़पों में आठ लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. उन्होंने हिंसा की जाँच का वादा किया.

माफ़ी

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं इस घटना के लिए सबके सामने खुलकर माफ़ी माँगता हूँ इसलिए नहीं कि यह मेरी ग़लती थी या किसी और की. मैं तो इस बात से दुखी हूँ कि मिस्र के ही लोग इस तरह आपस में लड़ रहे हैं. फूट तो परिवारों में भी होते हैं लेकिन कल जो हुआ वह किसी योजना का हिस्सा नहीं था, मैं उम्मीद करता हूँ कि इंशा अल्लाह सब ठीक हो जाएगा."

राष्ट्रपति विरोधी प्रदर्शनकारी होस्नी मुबारक के तुरंत त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं, जो 30 साल से सत्ता में हैं.

इस बीच मिस्र की राजधानी काहिरा और एलेक्ज़ैंड्रिया में राष्ट्रपति समर्थक और विरोधियों में झड़प जारी है. राष्ट्रपति विरोधी प्रदर्शनकारी काहिरा के चर्चित तहरीर चौक के आसपास के इलाक़ों से राष्ट्रपति समर्थकों को खदेड़ने में सफल रहे हैं, लेकिन दोनों गुटों के बीच संघर्ष जारी है.

सेना दोनों गुटों को शांत करने की कोशिश कर रही है लेकिन अभी तक उसे कोई सफलता नहीं मिली है.

राजधानी काहिरा में कई पत्रकारों पर भी हमले की ख़बर है. रिपोर्टें आ रही हैं कि राष्ट्रपति समर्थकों ने काहिरा के कई होटलों को निशाना बनाया और पत्रकारों पर हमला किया.

दूसरी ओर अमरीका ने होस्नी मुबारक से कहा है कि वे सत्ता का हस्तांतरण जल्दी से जल्दी करें.

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