अब यमन में प्रदर्शन की तैयारी

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Image caption यमन में भी राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के ख़िलाफ़ विरोध के स्वर बढ़ते जा रहे हैं

यमन के प्रमुख विपक्षी दल इस्लाह ने गुरुवार को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.

इसके पहले यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने घोषणा की थी कि वे अपने कार्यकाल को नहीं बढ़ाएंगे और न ही सत्ता अपने पुत्र को सौंपेंगे.

उन्होंने संसद को बताया था, "कार्यकाल नहीं बढ़ेगा, कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा, पीछे मुड़कर नहीं देखना है. मैं ये सब देश के हित में कर रहा हूं. देश का हित, व्यक्तिगत हित से ऊपर है."

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति सालेह का कार्यकाल 2013 में समाप्त हो रहा है.

विपक्षी दल इस्लाह के प्रवक्ता मोहम्मद अल सादी ने राष्ट्रपति की इस घोषणा का स्वागत किया है.

लेकिन साथ ही कहा है कि इस रैली के जरिए राजधानी साना में लोग शांतिपूर्वक अपने विचारों और आकांक्षाओं को सामने रखेंगे.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह पिछले तीन दशकों से सत्ता पर काबिज़ हैं

राष्ट्रपति सालेह 1978 में उत्तरी यमन के राष्ट्रपति बने थे. जब 1990 में उत्तरी और दक्षिण यमन का विलय हुआ तो वे नए गणतंत्र के राष्ट्रपति बने गए थे.

ग़ौरतलब है कि ट्यूनीशिया से शुरू हुए अरब जगत में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बीच जॉर्डन के सम्राट अब्दुल्ला भी अपनी सरकार को बर्ख़ास्त कर चुके हैं और नया प्रधानमंत्री भी नियुक्त कर चुके हैं.

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