'मिस्र में प्रदर्शन इस्लामी जागरुकता'

आयतुल्लाह अली ख़मेनेई
Image caption आयतुल्लाह ने मिस्र के घटनाक्रम को इस्लामी जागरुकता क़रार दिया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़मेनेई ने कहा है कि मिस्र में हो रहे प्रदर्शन क्षेत्र में इस्लामी जागरुकता की निशानी हैं.

आयतुल्लाह ने कहा कि काहिरा में हो रहे प्रदर्शन 1979 में ईरान में हुई क्रांति की गूंज हैं.

आयतुल्लाह ने मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ को इसराइल और अमरीका का नौकर कहा.

उन्होंने कहा कि अगर मुबारक़ को सत्ता से हटाया जाता है तो इससे क्षेत्र में अमरीकी नीतियों को ऐसा झटका लगेगा कि वो फिर से जड़ नहीं जमा पाएंगी. आयतुल्लाह ने मिस्र के लोगों से इस्लामी राज्य स्थापित करने की अपील की.

तेहरान में जुमे की नमाज़ के अवसर पर अरबी भाषा में बोलते हुए आयतुल्लाह ने कहा, "जब तक धर्म के आधार पर प्रशासन स्थापित नहीं हो जाता, तब तक रुकना मत. ईंशाअल्लाह सेना भी लोगों का साथ देगी."

आयतुल्लाह से विपरीत ईरान में विपक्षी नेताओं ने मिस्र के हालात की तुलना वर्ष 2009 में ईरान में हुए विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव के बाद तेहरान में हुए प्रदर्शनों से की है.

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