मिस्र में पत्रकारों के साथ मारपीट

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मिस्र की राजधानी काहिरा में जारी विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के लिए पहुँचे कई विदेशी पत्रकारों को पिछले एक हफ़्ते में या तो हिरासत में लिया गया है या लोगों ने उन पर हमले किए हैं. सेना और पुलिस ने कई पत्रकारों को हिरासत में रखकर पूछताछ की है.

अमरीका, ब्रिटेन, भारत और ब्राज़ील समेत कई देशों ने इन हमलों की आलोचना की है और कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बने नियमों का मिस्र सरकार उल्लंघन कर रही है.

बीबीसी अरब सेवा के रिपोर्टर असद सावे ने काहिरा में बताया कि उन्हें सादी वर्दी पहने पुलिसकर्मियों ने पीटा और पकड़ कर ले गए.

उन्होंने बताया, “पुलिसकर्मियों ने मेरा कैमरा छीन लिया और मुझे गिरफ़्तार करने के बाद स्टील के डंडों से पीटा..वो डंडे जिनसे यहाँ जानवरों को हलाल किया जाता है.”

कुछ भारतीय पत्रकारों को भी हिरासत में लिए जाने का समाचार है. भारत के चैनल सीएनएन-आईबीएन के मुताबिक पत्रकार को दो बार पकड़ गया- दूसरी बार सेना ने उनसे चार घंटे से ज़्यादा तक पूछताछ की. भारतीय पत्रकार के मुताबिक उन्हें भारतीय दूतावास से बात नहीं करने दी गई और उनके टेप जला दिए गए.

'गोली मार देंगे'

वहीं एक रूसी टीवी चैनल के पत्रकारों को काहिरा में उस समयहिरासत में लिया गया जब वे तहरीर चौराहे से लाए वीडियो फ़ुटेज का प्रसारण करने वाले थे. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. ये लोग अब मॉस्को में हैं.

इनमें से एक पत्रकार ने बीबीसी को बताया, “हमारे उपकरण, मोबाइल फ़ोन छीन लिए गए. हमारे हाथ बाँध दिए गए और आँखों पर भी पट्टी लगा दी गई थी. जब हम कार में बैठे थे तो बार-बार ये आवाज़ आ रही थी- हम जब जी चाहें गोली चलाएँगे. मुझे नहीं पता कि वे इस धमकी को लेकर कितने गंभीर थे.”

वहीं बीबीसी ब्राज़ील ने बताया है कि वहाँ के कुछ पत्रकारों को एक पुलिस थाने में हिरासत में रखा गया और रात भर उन्हें पानी तक नहीं दिया.

नाराज़गी

अल जज़ीरा का कहना है कि उसके जिन तीन पत्रकारों को पकड़ा गया था, उन्हें छोड़ दिया गया है.

वहीं अल-अरबीया चैनल की महिला रिपोर्टर ने बताया कि उन पर मुबारक के समर्थकों ने हमला किया और उन्हें पीटने की कोशिश की.

डच सरकार के मुताबिक उनके कुछ पत्रकारों को राष्ट्रपति मुबारक के समर्थकों ने धमकी दी.

स्वीडन और फ़्रांस के पत्रकारों ने भी शिकायत की है. अमरीका के फ़ॉक्स न्यूज़ चैनल के पत्रकारों को बुधवार को तहरीर चौक पर लोगों ने पीटा.

अब तक मिस्र के अधिकारियों ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि सरकारी टीवी पर रिपोर्टें चल रही हैं जिसमें कहा गया है कि विदेशी पत्रकार कथित तौर पर इसराइली एजेंट हैं.

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