'सबसे बड़े कोष' में भ्रष्टाचार

एड्स इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कई देशों में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं

मलेरिया और टीबी के ख़ात्मे के लिए गठित दुनिया के सबसे बड़े कोष में व्यापाक भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है.

शिकायत के बाद कोष की निगरानी के लिए नए क़दम उठाए जा रहे हैं.

इस कोष में अनुदान देने वाले दाता देशों ने शिकायत की थी कि कोष के लाखों डॉलर का कोई हिसाब-किताब नहीं है.

इस कोष का कुछ हिस्सा एड्स से निपटने पर भी ख़र्च होता है.

निगरानी

अब भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया जाएगा, जो निगारनी रखेगा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ख़र्चों पर भी नज़र रखेगा.

माना जा रहा है कि जून तक ये सभी चीज़ें व्यवस्थित हो जाएँगी. एड्स, टीबी और मलेरिया के ख़ात्मे के लिए गठित विश्व कोष के पास 21 अरब डॉलर की राशि है.

कोष के जाँचकर्ताओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी व्यापक धांधली की जानकारी मिली है. जाँच अधिकारी मलेरिया से निपटने वाली दवाओं की संगठित चोरी के आरोपों की भी जाँच कर रहे हैं.

माना जा रहा है कि कई देशों में तीन करोड़ 40 लाख डॉलर की सहायता राशि का कोई हिसाब-किताब नहीं है.

संबंधित समाचार