मिस्र मामले पर अमरीका का स्पष्टीकरण

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अमरीकी विदेश मंत्रालय ने मिस्र के मामले पर राष्ट्रपति बराक ओबामा के विशेष दूत फ़्रैंक विज़नर के बयान से अपने को अलग कर लिया है.

विज़नर ने कहा था कि सत्ता के लोकतांत्रिक हस्तांतरण के लिए होस्नी मुबारक का पद पर बने रहना चाहिए. हालाँकि अमरीका पहले कई बार मुबारक को पद छोड़ने की सलाह दे चुका है.

विज़नर की इस टिप्पणी पर अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्राउली ने कहा है कि ये विज़नर के अपने विचार हैं और इसका अमरीकी सरकार से कोई लेना-देना नहीं है.

मिस्र के लिए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के विशेष दूत फ़्रैंक विज़नर ने कहा था कि मिस्र में आगे बढ़ने के लिए किसी भी पूर्व शर्त के लिए राष्ट्रीय सहमति की आवश्यकता है.

फ़्रैंक विज़नर ने सत्तारुढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेताओं के त्यागपत्र का स्वागत किया था. फ़्रैंक विज़नर मिस्र में राजदूत रह चुके हैं और सोमवार को राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें काहिरा भेजा था.

त्यागपत्र

दूसरी ओर मिस्र में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ चल रहे प्रदर्शनों के बीच सत्तारुढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेताओं ने त्यागपत्र दे दिया है.

मिस्र के सरकारी टेलीविज़न चैनल ने कहा है कि पद छोड़ने वालों में राष्ट्रपति मुबारक के बेटे गमाल मुबारक और पार्टी के महासचिव सफ़वत अल शरीफ़ भी हैं.

एक प्रमुख सुधारवादी नेता और मुबारक परिवार के क़रीबी समझे जाने वाले डॉक्टर होसाम बदरावी को पार्टी का नया महासचिव नियुक्त किया गया है.

राष्ट्रपति मुबारक के बेटे गमाल मुबारक नीति निर्धारक समिति के प्रमुख थे. राष्ट्रपति मुबारक पहले ही ये कह चुके हैं कि वे अपना पद नहीं छोड़ेंगे. हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में नहीं लड़ेंगे.

इस बीच राष्ट्रपति मुबारक के त्यागपत्र की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने लगातार 12वें दिन अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है. हालाँकि शुक्रवार के मुक़ाबले उनकी संख्या कम है.

संकट

इस बीच राष्ट्रपति मुबारक ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अपने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया है.

रविवार को बैंक खुलेंगे, लेकिन वित्त मंत्री समीर रादवान ने कहा है कि देश की आर्थिक स्थिति काफ़ी गंभीर है. जानकारों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के कारण देश को प्रतिदिन 31 करोड़ डॉलर का नुक़सान हो रहा है.

शनिवार को राष्ट्रपति मुबारक ने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, तेल मंत्री के साथ-साथ व्यापार और उद्योग मंत्री से मुलाक़ात की. इस बैठक में सेंट्रल बैंक के गवर्नर भी शामिल थे.

व्यापार मंत्री समीहा फ़ौज़ी इब्राहिम ने बताया कि जनवरी में निर्यात में छह फ़ीसदी की कमी आई है. उन्होंने बताया कि सरकार अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है ताकि क़ीमतें न बढ़ें और खाद्यान्न की कमी न हो.

विरोध प्रदर्शनों के कारण बैंक और स्टॉक एक्सचेंज कई दिनों से बंद हैं तो प्रमुख शहरों की कई बड़ी फ़ैक्टरियाँ भी बंद पड़ी हैं.

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