एनॉनिमस के निशाने पर यमन, मिस्र की सरकारी वेबसाइटें

यमन में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट BBC World Service

ऑनलाइन ग्रुप एनॉनिमस के हैकरों ने अपना ध्यान यमन और मिस्र पर केंद्रित किया है. मिस्र में पिछले 13 दिन से लगातार सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं और यमन में भी ऐसे ही प्रदर्शन हुए हैं.

यमन में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह की वेबसाइट इंटरनेट यूज़र की पहुँच से बाहर हो गई है.

इससे पहले एनॉनिमस ने मिस्र की सत्ताधारी पार्टी और सूचना मंत्रालय की वेबसाइटों को निशाना बनाया था.

ग़ौरतलब है कि एनॉनिमस ग्रुप पहले सुर्खियों में तब आया था जब उसने उन कंपनियों को निशाना बनाया था जिन्होंने विकिलीक्स को दी जाने वाली सेवाओं को बंद कर दिया था.

उस समय विकिलीक्स से संबंधित साइबर हमलों के लिए ब्रिटेन में पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया था और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई ने अमरीका में कई जगहों पर छापे मारे थे.

एनॉनिमस का कहना है कि वह पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्वतंत्रता के पक्ष में है.

पिछले महीने एनॉनिमस के साइबर हमलों के कारण ट्यूनेशिया की कई वेबसाइटें बंद कर दी थीं और इनमें ट्यूनेशिया की सरकारी वेबसाइट शामिल थी.

इंटरनेट सुरक्षा कंपनी सोफ़ोस के वरिष्ठ तकनीकीक सलाहकार ग्रेहम क्लूली का कहना है, "यदि आप इन (इंटरनेट) हमलों में भाग लेते हैं तो आप जानबूझकर साइबर अपराध में हिस्सा ले रहे हैं. यदि आप (प्रदर्शन स्थल पर) जाकर पत्थर फेंकने से डरते हैं तो शायद आपको वेबसाइटों को अनचाहे ट्रैफ़िक से क्लॉग करने यानी उनका काम ठप्प करने से भी गुरेज़ करना चाहिए."

यदि ऐसे हमले जारी रहते हैं तो हो सकता है कि सरकारें लोगों के पहचान बताए बिना इंटरनेट पर काम करने को और मुश्किल बना दें.

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